आगरा: उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में निर्वाचन आयोग के कामकाज और कार्यप्रणाली को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन अब और अधिक आक्रामक व चर्चा का विषय बनता जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को समाजवादी लोहिया वाहिनी महानगर, आगरा की ओर से निर्वाचन आयोग के खिलाफ एक बेहद अनोखे और तीखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया गया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की नीतियों के विरोध में एक प्रतीकात्मक अर्थी निकाली और उसका अंतिम संस्कार किया, जिसके माध्यम से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की घोर कमी पर सवाल उठाए गए।
इस प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के तमाम पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोहिया वाहिनी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के विरोध में जमकर नारेबाजी की और चुनाव व्यवस्थाओं को लेकर अपनी कड़ी आपत्तियां दर्ज कराईं। कार्यकर्ताओं का साफ तौर पर कहना था कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया की शत-प्रतिशत पारदर्शिता और हर मतदाता के वोट की पूरी सुरक्षा होना बेहद महत्वपूर्ण है।
EVM और VVPAT की आशंकाओं के समाधान की मांग
प्रदर्शन के दौरान समाजवादी कार्यकर्ताओं ने EVM (Electronic Voting Machine) और VVPAT से जुड़ी विभिन्न आशंकाओं और तकनीकी सवालों का पारदर्शी तरीके से समाधान किए जाने की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि देश के मतदाताओं के मन में वर्तमान चुनाव प्रक्रिया और व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार का संदेह या अविश्वास नहीं रहना चाहिए। निर्वाचन आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े तमाम सवालों का स्पष्ट, संतोषजनक और सार्वजनिक रूप से समाधान किया जाए, ताकि जनता का लोकतंत्र से भरोसा न डगमगाए।
महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने रखा मौन सत्याग्रह
प्रतीकात्मक अर्थी निकालने और विरोध प्रदर्शन के बाद तमाम सपा कार्यकर्ता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष पहुंचे और वहां शांतिपूर्ण तरीके से मौन व्रत पर बैठ गए। गांधी जी की प्रतिमा के सामने शांतिपूर्वक मौन सत्याग्रह करते हुए कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष चुनाव कराने की अपनी मांग को एक नए और अनुशासित तरीके से दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा कि देश और प्रदेश में होने वाले आगामी सभी चुनाव पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जाने चाहिए।
सपा कार्यकर्ताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चुनाव किसी भी देश के लोकतंत्र की सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। ऐसे में चुनाव से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं को लेकर आम जनता और मतदाताओं का विश्वास बनाए रखना निर्वाचन आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने आयोग से मांग की कि वह तुरंत चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करे, मतदाताओं के मताधिकार की शत-प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी दे और उठ रहे तमाम जायज सवालों का समाधान करे।
इस अनोखे और चर्चित विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से मधुकर अरोड़ा, सनी छाबड़ा, अमित प्रताप यादव और रितिक प्रजापति सहित समाजवादी लोहिया वाहिनी के तमाम पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की उनकी यह मांग पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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