आगरा के कमला नगर में व्यापारी से लाखों के लूटकांड का खुलासा: तीन आरोपी गिरफ्तार, कर्ज चुकाने के लिए रची गई थी साजिश

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उत्तर प्रदेश के आगरा के कमला नगर क्षेत्र में 25 अगस्त की रात व्यापारी आनंद गुप्ता से हुई लाखों रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने आखिरकार सफल खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है, जबकि घटना में शामिल एक अन्य फरार आरोपी की तलाश सरगर्मी से की जा रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से 1.02 लाख नकद, दो मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी बरामद कर लिया है।

​एडिशनल डीसीपी सिटी/क्राइम हिमांशु गौरव ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि कमला नगर लूटकांड की गुत्थी सुलझाते हुए तीन आरोपियों को दबोच लिया गया है। उनके पास से 1.02 लाख रुपये, दो मोबाइल और एक बाइक बरामद हुई है, तथा मामले में शामिल चौथे आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

बाइक से ओवरटेक कर छीना था रुपयों से भरा बैग

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि 25 अगस्त की रात जब व्यापारी आनंद गुप्ता अपने काम के बाद लौट रहे थे, तब इस वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपी सागर और रजत ने योजना के तहत मोटरसाइकिल से व्यापारी का पीछा किया और मौका मिलते ही उनकी बाइक को ओवरटेक कर रोक लिया, जिसके बाद जबरन उनका रुपयों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद सक्रिय हुई पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुराग जुटाने शुरू किए थे।

​पूर्व कर्मचारी निशू और गोलू ने दी थी रेकी की जानकारी

पुलिस की गहरी पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस पूरी घटना को अंजाम देने से पहले व्यापारी आनंद गुप्ता की दिनचर्या और हर गतिविधियों की पूरी जानकारी जुटाई गई थी। इस साजिश में मुख्य रूप से निशू और गोलू की संलिप्तता पाई गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी निशू पहले कभी व्यापारी आनंद गुप्ता की दुकान पर ही नौकरी कर चुका था, जिसके चलते उसे व्यापारी के आने-जाने के समय और कामकाज की पूरी जानकारी थी। इसी अंदरूनी जानकारी का इस्तेमाल करके आरोपियों ने लूट की यह खौफनाक योजना तैयार की थी।

कपड़े के व्यापार में कर्ज डूबने के कारण बनाई थी लूट की योजना

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने इस वारदात के पीछे की असली वजह का भी खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सागर की अपनी कपड़ों की दुकान थी, लेकिन वह भारी कर्ज के दलदल में फंस चुका था। आर्थिक तंगी और सिर पर मंडरा रहे कर्ज चुकाने के भारी दबाव के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस आसान रास्ते से रुपये कमाने की योजना बनाई। पूरी प्लानिंग के तहत व्यापारी की दिनचर्या पर नजर रखी गई और 25 अगस्त की रात इस वारदात को अंजाम दे दिया गया।

​दूसरे व्यापारी को निशाना बनाने की थी तैयारी

पुलिसिया पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा यह हुआ है कि ये आरोपी केवल यहीं नहीं रुकने वाले थे, बल्कि इसके बाद वे किसी अन्य व्यापारी को भी अपना अगला शिकार बनाने की फिराक में थे और उसकी तैयारी कर रहे थे। हालांकि, इससे पहले कि वे अपने दूसरे मंसूबे में कामयाब होते, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस पूरी वारदात का पर्दाफाश कर दिया और तीन आरोपियों को दबोच लिया।

पुलिस का यह भी कहना है कि फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है, फिर भी उनके पिछले रिकॉर्ड और संपर्कों की अन्य स्तरों पर गहन छानबीन की जा रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh