आगरा की अग्रवाल महासभा में संविधान संशोधन की तैयारी, विवाद रोकने के लिए मुरारी लाल की अध्यक्षता में समिति गठित

PRESS RELEASE

आगरा। अग्रवाल महासभा की कार्यकारी बैठक में संस्था के कामकाज को ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के मकसद से संविधान में जरूरी बदलाव करने का अहम फैसला हुआ। बैठक में पदाधिकारियों और सदस्यों ने संगठन के भीतर आगे किसी भी तरह के विवाद की स्थिति रोकने और संचालन से जुड़े नियमों में स्पष्टता लाने पर जोर दिया।

महासभा के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि संविधान में संशोधन के प्रस्ताव तैयार करने के लिए मुरारी लाल की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति को संस्था के मौजूदा संविधान का अध्ययन कर जरूरी बिंदु चिह्नित करने और संशोधन प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सात सदस्यीय समिति करेगी संविधान का अध्ययन

संविधान संशोधन समिति में सीताराम अग्रवाल, महेंद्र बंसल, एडवोकेट अशोक अग्रवाल, संजय अग्रवाल, अनिल अग्रवाल और कृष्ण मुरारी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है। समिति संस्था की मौजूदा जरूरतों को ध्यान में रखकर संविधान में आवश्यक बदलावों का प्रारूप बनाएगी।

बैठक में कहा गया कि नियमों और प्रक्रियाओं में स्पष्टता रहने से संचालन में एकरूपता आएगी और आगे पैदा होने वाले मतभेद व विवाद कम करने में मदद मिलेगी। समिति के तैयार किए संशोधन प्रस्तावों पर आगे संस्था के स्तर पर विचार किया जाएगा।

पुराने सदस्यों को नवीनीकरण का मौका

बैठक में पुराने सदस्यों की सदस्यता को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। जिन सदस्यों की सदस्यता किसी कारणवश नवीनीकृत नहीं हो पाई, उन्हें 100 रुपये शुल्क जमा कर दोबारा नवीनीकरण कराने का अवसर दिया जाएगा। साथ ही महासभा में नए सदस्यों को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी भी दी गई। पदाधिकारियों के अनुसार सदस्य संख्या बढ़ने से संगठन का सामाजिक आधार मजबूत होगा और महासभा की गतिविधियां व्यापक स्तर पर चलाने में सहयोग मिलेगा।

अग्रसेन जयंती विवाद में कार्रवाई का फैसला

बैठक में महाराजा अग्रसेन जयंती मनाने के विरोध में षड्यंत्र करने के आरोपित सदस्यों को लेकर भी निर्णय हुआ। महासभा ने ऐसे आरोपित सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने का फैसला लिए जाने की जानकारी दी। इसे संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया।

स्थायी कार्यालय की योजना

अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि संस्था की गतिविधियों को सुचारु रूप से चलाने के लिए भविष्य में स्थायी कार्यालय स्थापित करने की योजना भी बनाई जा रही है। स्थायी कार्यालय होने से प्रशासनिक कार्यों, बैठकों, सदस्यता से जुड़ी गतिविधियों और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए एक नियमित स्थान मिलेगा। इससे महासभा के कामकाज को और व्यवस्थित रूप देने में मदद की उम्मीद है।

2027 विधानसभा चुनाव में प्रतिनिधित्व की मांग

बैठक में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठा। मंजू बंसल ने कहा कि अग्रवाल समाज के किसी व्यक्ति को राजनीतिक दलों की ओर से विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज की समस्याओं और अपेक्षाओं को राजनीतिक मंच पर प्रभावी ढंग से उठाने के लिए उचित प्रतिनिधित्व आवश्यक है। उन्होंने राजनीतिक दलों से समाज की भागीदारी और प्रतिनिधित्व पर गंभीरता से विचार करने की अपेक्षा जताई।

संगठन को मजबूत करने पर जोर

कार्यकारी बैठक में संविधान संशोधन, सदस्यता नवीनीकरण, नए सदस्यों को जोड़ने, स्थायी कार्यालय की स्थापना और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इन फैसलों का मकसद महासभा की संगठनात्मक व्यवस्था को मजबूत करना और आगे गतिविधियों को ज्यादा प्रभावी ढंग से चलाना बताया गया।

पदाधिकारियों ने नियमों की स्पष्टता, अनुशासन और सदस्यों की सक्रिय भागीदारी को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बैठक के निर्णयों को संस्था के आगामी कार्यों की दिशा तय करने वाला अहम कदम माना जा रहा है।

Dr. Bhanu Pratap Singh