लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो शेयर करते हुए सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मांग की है कि जिलाधिकारी महोदय दीये, उसके तेल और बाती के साथ-साथ उसकी सजावट पर हुए पूरे खर्चे का हिसाब-किताब सार्वजनिक करें। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह सारा खर्च अधिकारियों या नेताओं के व्यक्तिगत खातों से किया गया है या फिर इसमें जनता के खून-पसीने के टैक्स के पैसों का इस्तेमाल हुआ है।
’पहले केयर फंड और अब चापलूसी फंड’
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए लिखा कि पहले ‘केयर फंड’ और अब ‘चापलूसी फंड’ के नाम पर खेल चल रहा है, इसलिए इनकी पूरी खाता-बही जनता के सामने दिखाई जानी चाहिए। यही आज आम जनता की मुख्य डिमांड है। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह दीये जलाने की मजबूरी में न जाने कितने ही लोगों के दिल जले होंगे। वैसे, हकीकत में उतने दीये नहीं जले या उन्हें जलने ही नहीं दिया गया, जितनी संख्या का दावा करके लखनऊ वालों का पुराना रिकॉर्ड तोड़े जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग दीयों के लिए भी आपस में लड़ रहे हैं, वे भला समाज में क्या रोशनी लाएंगे?
तेल की बर्बादी और बाइकों के काफिले पर सवाल
सपा प्रमुख ने अपने बयान में आगे कहा कि वैसे ‘UP 32’ नंबर से शुरू होकर जो 500 बाइकें कहीं भेजी जा रही हैं, क्या उनके चलने से विदेशी मुद्रा (फॉरेन एक्सचेंज) से खरीदे गए तेल की बर्बादी नहीं होगी? सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्या केवल खाने वाले तेल का प्रयोग कम करने की अपील की गई है या फिर गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले तेल तथा लालटेन व दीये के तेल की खपत पर भी यह नियम लागू होता है?
- लखनऊ में सपा बैठक में बड़ा हंगामा: नेताओं की तीखी झड़प के बाद अखिलेश यादव ने एटा और कासगंज की सभी कार्यकारिणियां कीं भंग - September 21, 2026
- लखनऊ में सपा बैठक में बड़ा हंगामा: नेताओं की तीखी झड़प के बाद अखिलेश यादव ने एटा और कासगंज की सभी कार्यकारिणियां कीं भंग - September 21, 2026
- यूपी चुनाव 2027 से पहले मायावती का बड़ा राजनीतिक दांव: ईशान आनंद को बनाया राजनीतिक उत्तराधिकारी, आकाश आनंद पर कही यह बड़ी बात - September 20, 2026