Bhopal, Madhya Pradesh, India. मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राष्ट्रीय वंचित पार्टी (आरवीपी) ने टांग अड़ा रखी है। पार्टी 13 सीटों पर दमदारी के साथ चुनाव मैदान में हैं। पार्टी के प्रत्याशी वंचित हैं। कोई किसान है तो कोई मजदूर। चुनावी राजनीति में यह बिलकुल नया प्रयोग है। ऐसे लोगों को चुनाव मैदान में उतारा है, जो उपेक्षा के शिकार हैं और नेता जी इनके साथ बैठना भी अपनी तौहीन समझते हैं। बस यही अंदाज लोगों को भा रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार यादव जहां भी प्रत्याशी के समर्थन में सभा करने जाते हैं, वहां अपनी ओर से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कारखाना स्थापित करने की घोषणा कर रहे हैं ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके। ये घोषणाएं सरकार के बूते नहीं, अपने दम पर कर रहे हैं। यही कारण है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणाएं अन्य दलों के प्रत्याशियों का दिल दहला रही हैं।
पार्टी का यही प्लस पॉइंट
शिवपुरी में पत्रकारों से बातचीत में सुशील कुमार यादव कहते हैं- पोहली (जिला शिवपुरी), मुंगावली और गुना विधानसभा सीट हम जीत रहे हैं। पोहरी में हमारे प्रत्याशी एडवोकेट विनोद धाकड़ निर्मल छवि के हैं। हम जहां भी प्रचार के लिए जा रहे हैं, लोगों का जुड़ाव देखकर अचरज होता है। लोगों को लगने कहा है कि वोट चाहे भाजपा को दें या कांग्रेस को, बाद में विधायक बिकने ही हैं। इसलिए हम बिकाऊ विधायक क्यों चुनें। ऐसे व्यक्ति को विधायक बनाना चाहते हैं जो उनका अपना बनकर रहे। राष्ट्रीय वंचित पार्टी का यही प्लस पॉइंट है।
पार्टी का नारा
उन्होंने कहा कि यह कितने शर्म की बात है कि मध्य प्रदेश में आज तक किसी भी पार्टी ने वंचितों को तरजीह नहीं दी है। जब कांग्रेस और भाजपा अपने कार्यकर्ताओं तक को नहीं पूछ रहे हैं तो वंचित समाज के लोगों की सुध कैसे लेंगे। इसी कारण राष्ट्रीय वंचित पार्टी को चुनाव मैदान में उतरना पड़ा है। राजनीति में पनपी गंदगी को हम साफ करके दिखाएंगे। हमारा नारा है- घर-घर रोटी और रोजगार चाहिए- अबकी बार वंचितों की सरकार चाहिए।
हमारे साथ जनबल
चम्बल संभाग की 16 में से सात सीटों पर राष्ट्रीय वंचित पार्टी ने प्रत्याशी उतारे हैं। पोहर, करैरा, अशोक नगर, मुंगावली, मुरैना की अम्बाह और सुरखी विधानसभा सीटों पर पार्टी प्रत्याशी चुनाव जीतेंगे। सुशील कुमार यादव का कहना है कि सत्ताधारी दल बाहुबल और धनबल का जमकर प्रयोग कर रहा है, लेकिन हमारे पास जनबल है। इसके आगे सारे बल धूल में मिल जाएंगे। तीन नवम्बर को मतदान है और उसी दिन सभी दलों को अपनी औकात का पता चल जाएगा।
असली कांग्रेस कार्यकर्ता हमारे साथः प्रत्याशी
आरवीपी प्रत्याशी एडवोकेट विनोद धाकड़ कांग्रेस छोड़कर आए हैं। उनका आरोप है कि 27 साल बाद कांग्रेस को इसलिए छोड़ना पड़ा क्योंकि कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं दिया जा रहा है। हमारे विधायक भाजपा की गोद में जाकर बैठ गए। अब वंचितों को अधिकार दिलाने के लिए पोहरा विधानसभा सीट पर उपचुनाव लड़ रहा हूं। असली कांग्रेस कार्यकर्ता हमारे साथ हैं। हम चुनान जीतेंगे।
- Casino LuckyWins – Est-il fiable ? Lisez les avis Trustpilot pour le Canada - September 10, 2026
- Game on Your Terms with Confidence at Slots Palace Casino - September 9, 2026
- Lapalingo Casino – Zugangs Guide for New Players in Germany - September 8, 2026