अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि नेटो की सदस्यता के लिए स्वीडन और फ़िनलैंड के आवेदन करने के फ़ैसले को अमेरिका का पूर्ण समर्थन है.
फ़िनलैंड और स्वीडन ने बीते रविवार 16 मई को नेटो की सदस्यता के लिए आवेदन करने के फ़ैसले की पुष्टि की थी.
फ़िनलैंड और स्वीडन के इस क़दम को ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि ये दोनों देश अभी तक न्यूट्रल थे. यह फ़ैसला इस मायने में भी ख़ास है कि रूस की चेतावनी के बावजूद इन दोनों देशों ने यह फ़ैसला किया है.
फ़िनलैंड और स्वीडन के इस फ़ैसले से यूरोपीय भू-राजनीति की दृष्टि से बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है.
हालांकि तुर्की ने स्वीडन और फ़िनलैंड के इस फ़ैसले का विरोध किया है.
नेटो गठबंधन में शामिल होने के लिए इन दोनों देशों को सभी 30 नेटो सदस्यों के समर्थन की ज़रूरत है.
गुरुवार को व्हाइट हाउस में स्वीडन के प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडर्सन और फ़िनलैंड का प्रधानमंत्री साउली निनिस्तो के साथ एक साझा बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बाइडन ने नेटो में शामिल होने के स्वीडन और फ़िनलैंड के आवेदन को यूरोपीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया है.
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि नेटो में दो और सदस्यों के शामिल होने से नेटो गठबंधन के सदस्य देशों की सुरक्षा और मज़बूत होगी.
अप्रत्यक्ष तरीके से तुर्की को जवाब देते हुए बाइडन ने कहा कि मैं यह साफ़ कर देना चाहता हूं कि नेटो में शामिल होने वाले दोनों नए सदस्य देशों से किसी भी राष्ट्र को कोई ख़तरा नहीं है.
-एजेंसियां
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