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अल-कायदा आतंकवादी ओसामा बिन लादेन का बेटा अक्टूबर में अफगानिस्तान आया था, जहां उसने तालिबान के साथ बैठक की। वहीं अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) और इस्लामिक मूवमेंट ऑफ उज्बेकिस्तान (IMU) जैसे कई आतंकवादी संगठन हाल के वर्षों में अफगानिस्तान में अधिक आजादी के साथ रह रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा और उनके सहयोगियों की गतिविधियों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की हालिया रिपोर्ट इस हफ्ते सार्वजनिक की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान ने विदेशी आतंकवादियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कुछ नहीं किया है। यह रिपोर्ट तालिबान के उस दावे की पोल खोलती है जिसमें वह बार-बार कहता है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी बाहरी ताकत को पड़ोसी मुल्क के खिलाफ नहीं करने दिया जाएगा।
विदेशी आतंकवादियों पर चुप तालिबान
रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-कायदा पिछले साल 31 अगस्त को तालिबान की जीत पर बधाई देने के बाद ‘रणनीतिक चुप्पी’ बनाए हुए था। वह तालिबान के अंतर्राष्ट्रीय मान्यता और वैधता हासिल करने के लिए प्रयासों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता था। रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थितियां 15 अगस्त को पूरी तरह से बदल गईं, जब तालिबान ने देश पर कब्जा कर लिया था। हाल ही में इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि तालिबान ने देश में विदेशी आतंकवादी लड़ाकों की गतिविधियों को सीमित करने के लिए कदम उठाए हैं।
अफगानिस्तान में आजाद पनप रहे आतंकी संगठन
यूएन ने कहा कि इसके विपरीत आतंकवादी संगठन अफगानिस्तान में पहले ही तुलना में अधिक स्वतंत्रता का अनुभव कर रहे हैं। तालिबान के कब्जे के कुछ दिन बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था। इसमें डॉ अमीन-उल-हक के अफगानिस्तान लौटने का दावा किया गया था। अमीन-उल-हक अल-कायदा का प्रमुख सदस्य और कभी ओसामा बिन लादेन का सुरक्षा इंचार्ज था।
लादेन के बेटे ने तालिबान के साथ की बैठक
रिपोर्ट के अनुसार एक मेम्बर स्टेट ने बताया कि बिन लादेन के बेटे अब्दुल्ला ने तालिबान के साथ बैठक के लिए अक्टूबर में अफगानिस्तान का दौरा किया था। वर्तमान अल-कायदा प्रमुख ऐमान अल-जवाहिरी को जनवरी 2021 तक जीवित बताया गया था लेकिन यूएन के सदस्य देशों का मानना है कि उसका स्वास्थ्य खराब है। आतंकवादी संगठन AQIS, जिसका सरगना ओसामा महमूद है, अफगानिस्तान के कई प्रांतों में मौजूद है। रिपोर्ट के मुताबिक अनुमान है कि AQIS के पास 200 से 400 लड़ाके मौजूद हैं।
-एजेंसियां
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