लखनऊ। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में मची अफरातफरी और कुप्रबंधन को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को हर समस्या का समाधान माना जा रहा है, भाजपा राज में उसकी समिट ही खुद एक ‘बड़ी समस्या’ बन गई है।
“भाजपा में योजना नहीं, सिर्फ मनमर्जी है”
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि भाजपा सरकार में हर कार्यक्रम बिना किसी ठोस योजना के होता है। उन्होंने कहा, “भाजपा ने योजना आयोग इसीलिए खत्म कर दिया क्योंकि ‘योजना’ इनके विचार का हिस्सा ही नहीं है। ये फोटोजीवी लोग हैं, इन्हें सिर्फ अपनी तस्वीर साफ चाहिए, चाहे देश की छवि दुनिया भर में धूमिल हो जाए।”
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, कल भाजपाई मंत्री जी ने देश की राजधानी में आयोजित की जा रही ‘INDIA AI IMPACT SUMMIT 2026’ में बद-इंतज़ामी और कई तरह की अव्यवस्थाओं और चोरी हुए सामानों के लिए माफ़ी मांगी, अब दिल्ली के जाम के लिए मांगेंगे। उन बच्चों और अभिभावकों के बारे में सोचिए जो बोर्ड के एग्ज़ाम के होते हुए भी जाम में फंसे हैं। भाजपा में हर कार्यक्रम बिना योजना के इसलिए होता है क्योंकि योजना इनके विचार का हिस्सा है ही नहीं, इसीलिए भाजपाइयों ने योजना आयोग भी ख़त्म कर दिया है। ये मनमर्ज़ीवाले लोग हैं, इन्हें किसी की समस्या से कोई लेना-देना नहीं है। फोटोजीवी लोगों को सिर्फ़ अपनी साफ़-सुथरी तस्वीर चाहिए, देश की तस्वीर भले धूमिल हो जाए, उन्हें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।
अखिलेश यादव ने गिनाईं समिट की बड़ी खामियां:
उन्होंने आगे कहा, AI Summit में सुरक्षा के नाम पर: भले ‘परिंदा पर नहीं मार सकता’ जैसा बड़ा दावा किया गया हो लेकिन असामाजिक तत्वों ने प्रदर्शनी में लगे सामान पर हाथ मार दिया, स्टॉल साफ़ कर दिये। लोग अपने मोबाइल और पर्स-बैग की चिंता में प्रदर्शनी का आनंद नहीं उठा पाए। अति विशिष्ट लोगों के आने पर मेन हॉल खाली कराने से डेलीगेट्स से लेकर विजिटर्स तक सबको बेहद समस्याएं हुईं।
एग्जिबिटर्स को ही उनके पेड स्टॉल्स से बाहर कर दिया गया। एंट्री पाइंटों पर लम्बी कछुआ क़तारें लगीं। विदेशी डेलीगेट्स को भाषा की समस्या का सामना करना पड़ा।
अखिलेश यादव ने आगे लिखा, भोजन-पानी मिला कम, बिखरा ज़्यादा। स्वच्छता का नारा पोस्टरों पर ही लिखा रह गया। जन सुविधाएं ठप्प-सी हो गईं। लगता है कि Service Providers से कमीशन तो तय किया गया परंतु उनकी कोई जवाबदेही तय नहीं की गयी। जो जाम से निकले वो पार्किंग में फंसे। होटलों के दाम हज़ारों से लाखों में पहुंच गये। टैक्सी सेवाओं की अनुपलब्धता व मनमानी देखी गई।
”भाजपाइयों की जगह AI करता इंतजाम”
अखिलेश यादव ने अपने बयान के अंत में चुटकी लेते हुए कहा कि अगर इस समिट का प्रबंधन भाजपाइयों के बजाय खुद AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को सौंप दिया जाता, तो शायद देश की इतनी फजीहत न होती। उन्होंने कहा कि मंत्री जी का माफी मांगना ही इस बात का सबूत है कि पूरी दुनिया ने इस बदइंतजामी की निंदा की है।
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