लखनऊ। यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में जारी विवाद पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने यूजीसी के नए नियमों पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक वर्ष 2012 के नियम ही लागू रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने आशंका जताई कि नए नियमों का दुरुपयोग हो सकता है, इसी आधार पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगाई गई है। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष “अखिलेश यादव” ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सच्चा न्याय वही होता है जिसमें किसी के साथ अन्याय न हो और यही जिम्मेदारी न्यायालय निभाता है। उन्होंने जोर दिया कि कानून की भाषा के साथ-साथ उसकी भावना भी स्पष्ट होनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बात सिर्फ नियमों की नहीं, बल्कि नीयत की भी होती है। किसी का उत्पीड़न न हो, किसी के साथ अन्याय न किया जाए, न किसी पर जुल्म-ज्यादती हो और न ही किसी के साथ नाइंसाफी। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था का मूल उद्देश्य यही है कि दोषी बचें नहीं और निर्दोष फंसें नहीं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी अखिलेश यादव यूजीसी के नए नियमों को लेकर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि यूजीसी में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में आ गया है।
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