आगरा। क्रांतिकारी पत्रकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गणेश शंकर ‘विद्यार्थी’ की पुण्यतिथि हिंदुस्तानी बिरादरी ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया। संगठन के सदर भट्टी कार्यालय में हुई सभा में ‘विद्यार्थी’ जी के आदर्शों को नमन किया गया।
हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. सिराज कुरैशी ने कहा, “गणेशशंकर ‘विद्यार्थी’ न केवल एक निर्भीक पत्रकार थे, बल्कि वे सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक भी थे। उन्होंने अपने जीवन का बलिदान हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए दिया। 1931 में कानपुर में हुए सांप्रदायिक दंगे को रोकने के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी, ताकि समाज में सांप्रदायिकता रूपी विष की खाई न खुदे। उनका बलिदान हमें यह सिखाता है कि समाज में नफरत नहीं, बल्कि भाईचारा और प्रेम की भावना होनी चाहिए।”
उपाध्यक्ष विशाल शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, उन्होंने पत्रकारिता को केवल एक पेशा नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम बनाया था। महासचिव विजय उपाध्याय ने कहा, विद्यार्थी जी के समाचार पत्र ‘प्रताप’ ने सत्य और न्याय की आवाज उठाई, जिसके लिए उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा।
भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के अध्यक्ष समी आगाई ने कहा, “गणेश शंकर ‘विद्यार्थी’ ने अपने जीवन में हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए जो कार्य किए, वे इतिहास में अमर हैं। दलित नेता नंदलाल भारती ने कहा, “विद्यार्थी जी ने सदैव दबे-कुचले वर्ग के हक की आवाज उठाई। वे समानता और न्याय के पक्षधर थे।
बैठक में उपस्थित अन्य सदस्यों ने भी ‘विद्यार्थी’ जी के बलिदान को नमन किया। अंत में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
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