Agra, Uttar Pradesh, India. आल इण्डिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने परिवहन व्यवसाय को नई दिशा देते हुए वाहनों के खर्चों में कटौती करने की दिशा में कदम उठाया है। इसके तहत वाहन में माल भरने पर लोडिंग, अनलोडिंग, डाला, मुंश्याना, कांटा आदि खर्चे वहन न करने का निश्चय किया है। डीजल के रेट बढ़ने के बाद यह कदम उठाया गया है।
4-5 हजार रुपये की बचत होगी
संस्था के सह प्रवक्ता वीरेन्द्र गुप्ता ने बताया कि वाहन में अब तक लंबी दूरी के लिए प्रति लोडिंग लगभग 4000- 5000 रुपए अनलोडिंग, डाला, मुंश्याने, कांटा आदि पर खर्च होता था। ये खर्चा अब माल मालिक को वहन करना होगा। अगले चरण में टैक्सी या बस द्वारा टोल चार्ज सवारियों से लिए जाने की पद्धति को अपनाया जाएगा। इसका मतलब है कि माल मालिक से भाड़े के अलावा टोल चार्ज भी लिए जाने पर विचार किया जा रहा है।
20 जुलाई से लागू
श्री गुप्ता ने बताया कि इस आशय का प्रस्ताव संस्था द्वारा समस्त देश में 20 जुलाई 2021 से लागू किया जा चुका है। देश में सभी ट्रांसपोर्टर्स अपनी ट्रांसपोर्ट यूनियन के माध्यम से व्यापारियों को जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ट्रेड को समाप्त करने पर तुली हुई है। ऐसे में ट्रांसपोर्टर्स के सामने अपने खर्चों में कटौती किए जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
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