Mathura, Uttar Pradesh, India. कोरोना के संकट काल और लॉकडाउन के बाद रिकॉर्ड जीएसटी वसूली पर जहां सरकार पीठ थपथपा रही है वहीं जीएसटी को लेकर कारोबारियों की बेचैनी बढती जा रही है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने वर्तमान में लागू जीएसटी के प्रावधानों को कारोबारियों के शोषण के औजार करार दिया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के संरक्षक एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने संगठन की ओर से लम्बे आंदोलन का ऐलान कर दिया है। पांच मार्च से पांच अप्रैल तक कैट जीएसटी विरोधी माह मनाने जा रही है।
जीएसटी के प्रावधानों के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी मोर्चा खोल चुके कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के संरक्षक एवं राष्ट्रीय महामंत्री स्थानीय व्यापारियों को जाग्रत करने के लिए होटल शीतल रीजेन्सी पहुंचे। यहां पहुंचने पर कैट के प्रांत प्रभारी अमित जैन, जिलाध्यक्ष जुगल किशोर अग्रवाल तथा वरिष्ठ व्यापारी नेता मदन मोहन श्रीवास्तव के नेतृत्व में स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा पटुका व माला पहनाकर जोशीला स्वागत किया गया। इस अवसर पर वर्तमान जीएसटी प्रणाली तथा इसके नये प्रावधानों के विरोध में व्यापारियों को जागरूक करने और 5 मार्च से 5 अप्रैल तक जीएसटी विरोध माह मनाने की योजना के बारे में विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि जब जीएसटी लागू हुआ था इसमें 170 क्लॉज थे धीरे-2 इसमे एक हजार से ज्यादा संशोधन किये जा चुके हैं। इन संशोधनों ने जीएसटी के वर्तमान स्वरूप को विकृत कर दिया है। नये प्रावधानों में अधिकारियों को असीमित अधिकार दे दिये गये हैं। इन अधिकारों के बल पर नये कानूनों द्वारा व्यापारी का शोषण, उत्पीड़न और प्रताड़ित किया जाना शुरू हो गया है। सिर्फ इन्ही वजहों से अभी कर दायरा भी सीमित हुआ पड़ा है। सरकार वाजिव सरलीकरण शुरू करे तो कर संग्रह सात गुना तक बढ़ सकता है। लगभग 60 तरह के कम्प्लाइन्स में व्यापारी को इतना उलझा दिया है कि हजारों फर्म बंद होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 5 मार्च से शुरू किये जा रहे जीएसटी विरोध माह में पूरे देश भर में व्यापारीयों द्वारा धरना, रैली, सांसदों व जनप्रतिनिधियों का घेराव, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, जीएसटी अधिकारियों को ज्ञापन जैसे कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इस अवधि में व्यापारियों में जागरूकता लाने को जीएसटी पाठशाला जैसे प्रेरक कार्यक्रम भी चलाये जाएंगे।
इस अवसर पर महामंत्री संजय बंसल, विजय अग्रवाल सर्राफ, संजय गोविल, दिनेश चंद अग्रवाल सादाबाद, चैधरी विजय आर्य, सीए अमित अग्रवाल, मनीष अग्रवाल सोडा वाले, नवल अग्रवाल, लखन कृष्ण कन्हैया, श्याम गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
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