मेरठ। सोमवार की सुबह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भारी मुसीबत लेकर आई। मेरठ सहित आसपास के जिलों में घना कोहरा और भीषण शीतलहर के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर छाई ‘सफेद चादर’ की वजह से दृश्यता (Visibility) बेहद कम रही, जिसके चलते सड़कों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए।
यातायात और परिवहन पर पड़ा बुरा असर
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और प्रमुख नेशनल हाईवे पर देखने को मिला। विजिबिलिटी कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। केवल सड़क ही नहीं, बल्कि कोहरे ने ट्रेनों और रोडवेज बसों की समय-सारणी को भी बिगाड़ दिया है, जिससे यात्रियों को घंटों स्टेशनों और बस अड्डों पर इंतजार करना पड़ रहा है।
तापमान में गिरावट और ठिठुरन
ठंडी बर्फीली हवाओं यानी शीतलहर ने ठंड का अहसास दोगुना कर दिया है। दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोग दिनभर ठिठुरते नजर आए। इस कड़ाके की ठंड ने सबसे ज्यादा उन मजदूरों और बेघर लोगों को प्रभावित किया है जो खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। शहर के चौराहों पर लोग अलाव के सहारे ठंड काटने की कोशिश कर रहे हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिक डॉ. सूरज देव के मुताबिक, फिलहाल अगले कुछ दिनों तक इस स्थिति से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। कोहरा और अधिक घना हो सकता है तथा शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों को विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाव करने और सुरक्षित यात्रा करने की सलाह दी है।
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