आगरा । जिले के थाना मलपुरा के गांव अभयपुरा से पेशे से व्यापारी जीजा-साले को उठाने के बाद आरपीएफ दरोगा और सिपाही राजामंडी स्टेशन स्थित चौकी पर लेकर आए थे। दोनों को कमरे में बंद करके थर्ड डिग्री दी गई। इस दौरान परिजन को कॉल करके दोनों के चीखने की आवाज भी सुनवाई थी। मुक्त हुए दोनों युवकों और परिजन ने यह बात पुलिस को बताई है।
गांव अभयपुरा निवासी साजिम ने बताया कि परिवार मैक्सी गाउन आदि बेचने का काम वर्षों से करता आ रहा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ के भिलाई जाते हैं। साजिम का भाई काजिम और जीजा इकरार भी साथ काम करते हैं। इकरार चंडौस अलीगढ़ का रहने वाला है। वह सोमवार को ही आया था। आरपीएफ कर्मियों ने रेलवे की संपत्ति चोरी करने के शक में घर में दबिश दी थी।
उन्होंने घर में तलाशी के बाद कुछ नहीं मिला तो तोड़फोड़ की। इसके बाद काजिम और इकरार को उठाकर ले गए। रातभर राजामंडी स्टेशन चौकी के पीछे बने खंडहरनुमा कमरे में रखा। दोनों की डंडों से पिटाई की। दोनों के पैर और पीठ पर चोट के निशान हैं। व्हाट्सएप काल करके कहा कि चार लाख रुपयों का इंतजाम कर लो। पुलिस से शिकायत करने पर ठीक नहीं होगा। अनहोनी हो जाएगी। फोन पर भाई और जीजा के रोने की आवाज आ रही थी। इससे पूरा परिवार घबरा गया था।
साजिम ने बताया कि सुबह नौ बजे आरोपियों ने फोन करके मिलने के लिए कैंट रेलवे पुल के पास खंडहर के कमरे में बुलाया। वह पहुंचा। उसने कहा कि किसी तरह 12 हजार का इंतजाम हो पाया है। इससे ज्यादा नहीं दे सकता। इस पर आरपीएफ कर्मी दो लाख मांगने लगे। कहा कि जेल भेज देंगे। उसने हाथ-पैर जोड़े लेकिन नहीं माने। उसने पूछा था कि किस जुर्म में पकड़ा है यह तो बता दो लेकिन उन्होंने सही जवाब नहीं दिया।
इस दौरान आरोपियों ने उसका मोबाइल भी छीन लिया। इस पर वह वापस आ गया और पुलिस को सूचना दी। आरपीएफ को यदि किसी स्थान पर दबिश देनी होती है तो स्थानीय पुलिस से मदद लेनी होती है।
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