Aligarh (Uttar Pradesh, India)। जिनका दृष्टिकोण ब्रह्मांडीय हो जाता है, उनका मार्ग स्वतः प्रशस्त हो जाता है। विद्यार्थी को आत्मनिरीक्षण करना, अपने विवेक को जागरूक करना, अपनी कमियां और खूबियां तलाशना, धैर्य रखना, सकारत्मक सोच रखना, सतत प्रयास करना इन सभी मन्त्रों से उपलब्धि हासिल करना चाहिए। यह बातें मंगलायतन विश्वविद्यालय में उन्मुखीकरण कार्यक्रम के दौरान पूर्व मण्डल आयुक्त अजय दीप सिंह ने कहीं।
मंगलायतन विश्वविद्यालय में सोमवार को नए सत्र के विद्यार्थियों के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना तथा कुल गीत के साथ हुई। कार्यक्रम में नव प्रवेशित विद्यार्थी काफी उत्साहित दिखे, इस दौरान उनके परिजन भी मौजूद रहे। छात्रों को विवि की स्थापना से लेकर अब तक का सफर बताया गया तथा विवि कार्यकलापों के बारे में जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि अलीगढ़ मण्डल के पूर्व आयुक्त अजय दीप सिंह ने कहा कि खुद पर नियंत्रण और धैर्य से सब सम्भव है। जीवन की परिभाषा बताते हुए उन्होंने कहा कि जीवन समझोतों का क्रम है। वहीं, उन्होंने बच्चों को व्यक्तिव विकास के लिए बताया कि विद्यार्थी लक्ष्य निर्धारित करें। इसी के आधार पर अपनी दैनिकचर्या बनाएं। रोग मुक्त, तनाव मुक्त रहें आलस्य त्यागें भटके नहीं। अहंकार मुक्त व्यवहार रखें।
विवि के कुलपति प्रो. केवीएसएम कृष्णा ने नव प्रवेशित छात्रों का अभिनंदन किया। उन्होंने बताया विश्वविद्यालय एक दैवीय स्थान होता है। जहां व्यक्तिव और चरित्र का निर्माण होता है। इस स्थान पर सकारात्मकता का वास होता है। ऐसे स्थान का सम्मान करना चाहिए। प्रो. नरेंद्र सिंह ने आध्यात्मिक उद्बोधन में कहा कि माता पिता और गुरू का स्थान देव तुल्य है। उन्होंने भक्ति रचनाएं भी प्रस्तुत की। कुलसचिव ब्रिगेडियर समर वीर सिंह ने विवि के तौर तरीके की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उद्घाटन सत्र का संचालन आईईआर के डायरेक्टर प्रो.दिनेश पांडेय ने किया। प्रथम सत्र का निदेशक अकादमिक एन्ड रिसर्च प्रो. उल्लास गुरूदास ने आभार व्यक्त किया।

द्वितीय सत्र में मानविकी संकाय के डीन प्रो. जयंती लाल जैन ने कहा कि सारी ऊर्जा अपने विकास में लगाएं। पत्रकारिता एवं जन संचार विभाग के डीन एंड डायरेक्टर प्रो. शिवाजी सरकार ने कहा कि यहां का माहौल स्कूल से अलग है। विवि में आकर विद्यार्थी नया अनुभव लेते हैं। निदेशक चिकित्सा एवं अनुपालन प्रो. वेंकट वीपीआरपी ने विवि द्वारा चलाया जा रहे विभिन्न चिकित्सीय पाठ्यक्रमों के बारे में बताया। इनके अतिरिक्त कला विभाग के अध्यक्ष प्रो. असगर अली अंसारी, आईईआर के डायरेक्टर प्रो दिनेश पांडेय, दृश्य और प्रदर्शन कला विभाग की अध्यक्ष डॉ पूनम रानी, पुस्तकालय और सूचना विज्ञान के अध्यक्ष डॉ अशोक कुमार उपाध्याय, इंजीनियरिंग और विज्ञान संकाय के निदेशक डॉ. के.पी. सिंह, कृषि विभाग के अध्यक्ष डॉ सैयद दानिश यासीन नकवी, एचओडी इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट एंड कॉमर्स प्रो. राजीव शर्मा, निदेशक आईबीएमईआर प्रो. राकेश कुमार शर्मा, विधि विभाग के अध्यक्ष डॉ. हैदर अली ने अपने-अपने पाठ्यक्रम व विभागीय कार्यप्रणाली की जानकारी दी। जॉइंट रजिस्ट्रार डॉ. दिनेश शर्मा ने सभी वरिष्ठ शिक्षकों का परिचय कराया। साथ ही प्रवेशार्थियों को विवि की परीक्षा नीति से अवगत कराया।
वित्त अधिकारी मनोज गुप्ता, सीएमओ डॉ. दीपक शर्मा, डायरेक्टर स्टूडेंट एक्टिविटी प्रो. सिद्धार्थ जैन, निदेशक प्रवेश प्रकोष्ठ प्रो. सौरभ कुमार, टीपीओ लव मित्तल, विश्वविद्यालय इंजीनियर प्रो. महेश कुमार, प्रशासनिक अधिकारी गोपाल सिंह राजपूत, डिप्टी रजिस्ट्रार प्रो. अंकुर कुमार अग्रवाल, खेल अधिकारी डॉ. शिव कुमार, प्रशिक्षक मार्शल आर्ट्स उन्नी कृष्णन नायर, परिवहन प्रबंधक शिशुपाल सिंह, वार्डन डॉ. रेखा रानी, असिस्टेंट रजिस्ट्रार अकादमिक डॉ स्वाति अग्रवाल ने जानकारी प्रदान की। आयोजन में देबाशीष चक्रवर्ती, विलास पालके, दीपा अग्रवाल, रोहित शाक्य, नरेश सिंह, विकास वर्मा, जितेंद्र शर्मा, किंशुक कुमार, रामवीर सिंह, विजया सिंह, नियति शर्मा, शिव कुमार, गिरीश, संदीप, अम्बिका, अजय कुमार, राम अवतार आदि का सहयोग रहा।
- AlaWin Casino – Ervaar live blackjack en roulette in Nederland - August 18, 2026
- Felicebet Casino Overgik Vores Forventninger – Vurdering fra Danmark - August 17, 2026
- Meldingen en Accountbescherming op de Wild Robin Casino App in Nederland - August 17, 2026