मोहन यादव के समर्थन में बोले सपा प्रमुख: कहा—’एमपी-राजस्थान के साथ यूपी के मुख्यमंत्री को भी हटाने की तैयारी में भाजपा’

POLITICS

लखनऊ। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार द्वारा जमीन खरीद को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। इस मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोहन यादव का खुलकर बचाव किया। अखिलेश यादव ने इस पूरे प्रकरण को भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रहे सत्ता परिवर्तन के खेल का हिस्सा बताया है।

‘मोहन यादव को बदनाम करने की हो रही साजिश’

अखिलेश यादव ने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मोहन यादव के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा को पहले से पता नहीं था कि मोहन यादव मुख्यमंत्री बनने से पहले रियल एस्टेट का काम करते थे? सपा प्रमुख ने कहा, “यह कोई नई बात नहीं है। मोहन यादव को बदनाम करने के लिए भाजपा ने खुद अपने ही नेता के खिलाफ साजिश रची है।”

अखिलेश का दावा: भाजपा बदलना चाहती है तीन राज्यों के मुख्यमंत्री

सपा प्रमुख ने इस विवाद को भाजपा की आंतरिक रणनीति से जोड़ते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों को हटाना चाहती है। अखिलेश ने अपने बयान का रुख उत्तर प्रदेश की ओर मोड़ते हुए कहा, “भाजपा इन दो मुख्यमंत्रियों को इसलिए हटा रही है ताकि वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को हटाने का रास्ता साफ कर सके। यह पूरी हटाने की साजिश चल रही है।”

यूपी सीएम पर भी साधा निशाना

मोहन यादव के बचाव के साथ-साथ अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “अगर जमीन खरीद पर सवाल उठ रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तो खुद 300-600 एकड़ जमीन ली है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता इस बार ‘साइकिल’ को इतनी तेजी से चलाएगी कि मुख्यमंत्री खुद-ब-खुद हट जाएंगे।

क्या है मामला?

हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिजनों ने उज्जैन में कई भूखंड खरीदे, जिसके बाद उन क्षेत्रों में विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इन आरोपों को दोहराते हुए पद के दुरुपयोग की बात कही थी।

ऐसे में अखिलेश यादव का मोहन यादव के बचाव में उतरना भाजपा की आंतरिक राजनीति में मचे घमासान की ओर इशारा कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे विपक्षी दलों द्वारा भाजपा के ‘सत्ता संतुलन’ पर चोट करने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh