टेबल के आमने-सामने बैठ जाओ, वरना आगरा पुलिस रगड़ देगी… दरोगा के वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

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आगरा। उत्तर प्रदेश की ताजनगरी में पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर विवादों के घेरे में है। थाना सिकंदरा में तैनात एक दरोगा का युवक को खुलेआम धमकाने और वकीलों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। दरोगा की “रगड़ देने” वाली धमकी ने महकमे की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​”टेबल के सामने बैठो, वरना…”

​वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे दरोगा की पहचान सुरजीत सिंह के रूप में हुई है, जो वर्तमान में थाना सिकंदरा में तैनात हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो नोएडा का है, जहाँ दरोगा एक मामले की पूछताछ के लिए पहुँचे थे। वीडियो में दरोगा युवक पर दबाव बनाते हुए कह रहे हैं “टेबल के आमने-सामने बैठ जाओ, वरना आगरा पुलिस रगड़ देगी।”

​अधिवक्ताओं के प्रति अपमानजनक भाषा

​इतना ही नहीं, पूछताछ के दौरान दरोगा सुरजीत सिंह ने कानून की पैरवी करने वाले वकीलों को भी नहीं बख्शा। उन्होंने वकीलों को ‘बेवकूफ’ बताते हुए कहा कि वे कुछ नहीं कर पाते। दरोगा की इस टिप्पणी से आगरा के अधिवक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है और वे दोषी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मुकदमों की उलझी कहानी: एक्सटॉर्शन और धोखाधड़ी

​पड़ताल में सामने आया है कि इस पूरे प्रकरण के केंद्र में मुकेश नामक व्यक्ति है, जिस पर पहले से ही धोखाधड़ी और एक्सटॉर्शन के कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। 6 नवंबर 2025 को आगरा के थाना न्यू आगरा और हाथरस में भी उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हुए थे।

सांठगांठ और नियमों की अनदेखी के आरोप

​मामले में नया मोड़ तब आया जब पता चला कि फरवरी 2026 में मुकेश की ओर से थाना सिकंदरा में एक ‘क्रॉस मुकदमा’ दर्ज कराया गया था। चर्चा है कि यह मुकदमा थाना स्तर पर सांठगांठ कर लिखा गया। आरोप है कि धारा 406 के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए उच्च अधिकारियों की अनुमति अनिवार्य होती है, लेकिन यहाँ बिना किसी अनुमति के मामला दर्ज कर लिया गया।

अधिकारियों की चुप्पी और बढ़ता विवाद

वीडियो वायरल होने के बाद आगरा पुलिस की कार्यप्रणाली और ‘सिस्टम’ के भीतर चल रही सेटिंग के आरोपों ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि, इस संवेदनशील मामले में अभी तक पुलिस के आला अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या कार्रवाई का विवरण सामने नहीं आया है।

Dr. Bhanu Pratap Singh