आगरा पुलिस पर गंभीर आरोप: तत्कालीन चौकी प्रभारी समेत 5 पर अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज, युवक को करंट लगाने का मामला

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आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में खाकी एक बार फिर विवादों के घेरे में है। थाना छत्ता के अंतर्गत गुदड़ी मंसूर खां पुलिस चौकी के तत्कालीन प्रभारी और चार अन्य लोगों के खिलाफ अदालत के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने न केवल उसे फर्जी चोरी के मामले में फंसाया, बल्कि हिरासत के दौरान उसे बेरहमी से पीटते हुए उसके नाजुक अंगों में करंट भी लगाया।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला एमएम गेट क्षेत्र के मोतीकटरा निवासी ओमवीर सिंह तोमर से जुड़ा है। ओमवीर बेलनगंज पथवारी स्थित एक पावर टूल्स की दुकान पर नौकरी करता था। पीड़ित के अनुसार, उसने कुछ समय पहले दुकान के मालिक से विवाद के चलते नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद दुकान में हुई एक चोरी के मामले में उसे साजिश के तहत नामजद कर दिया गया।

हिरासत में प्रताड़ना का आरोप

दर्ज मुकदमे के मुताबिक, 26 अगस्त 2025 को तत्कालीन चौकी प्रभारी सुखवेंद्र सिंह (जो वर्तमान में शाहगंज थाने में तैनात हैं) अन्य पुलिसकर्मियों के साथ ओमवीर को उठा ले गए। आरोप है कि दुकान मालिक से मिलीभगत कर पुलिस ने ओमवीर पर चोरी कबूलने का दबाव बनाया। जब उसने इनकार किया, तो उसे थाने में थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया और नाजुक अंगों में बिजली के करंट लगाए गए। पीड़ित का कहना है कि दुकान में लगे 22 सीसीटीवी कैमरों की जांच करने की उसकी गुहार को भी अनसुना कर दिया गया।

अदालत की शरण में पीड़ित

जेल से छूटने के बाद ओमवीर ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर अब तत्कालीन चौकी प्रभारी सुखवेंद्र सिंह और दुकान मालिक सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ छत्ता थाने में संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।

पुलिस का पक्ष: थाना प्रभारी छत्ता अंकुर मलिक ने बताया कि पूर्व में हुई चोरी के मामले में ओमवीर समेत तीन लोग जेल गए थे और सामान भी बरामद हुआ था। फिलहाल, अदालत के आदेश का पालन करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की निष्पक्ष विवेचना शुरू कर दी गई है।

Dr. Bhanu Pratap Singh