शंकराचार्य विवाद में उग्र हुए मथुरा के संत: फलाहारी महाराज का ऐलान— “आशुतोष ब्रह्मचारी की नाक काटने वाले को 21 लाख का इनाम”

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मथुरा। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज मुकदमे और उन पर लगाए गए आरोपों ने ब्रज के संतों को उद्वेलित कर दिया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा (फलाहारी महाराज) ने इस मामले में बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी (आशुतोष पांडे) के विरुद्ध भारी इनाम और कठोर कार्रवाई की घोषणा की है।

“शंकराचार्य का अपमान, 125 करोड़ हिंदुओं का अपमान”

फलाहारी महाराज ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शंकराचार्य का पद सनातन धर्म में सर्वोच्च है और वे 125 करोड़ हिंदुओं के लिए पूज्यनीय हैं। उन पर ‘यौन शोषण’ जैसे घिनौने आरोप लगाना न केवल निराधार है, बल्कि यह पूरी सनातनी परंपरा को कलंकित करने की एक सोची-समझी साजिश है।

​इनाम और तीखे प्रहार

महाराज ने घोषणा की कि जो कोई भी आशुतोष ब्रह्मचारी की नाक काटकर लाएगा, उसे न्यास की ओर से 21 लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। उन्होंने आशुतोष को “गौ-हत्यारा” और “हिस्ट्रीशीटर अपराधी” बताते हुए कहा कि वह हिंदू कहलाने के लायक भी नहीं है। फलाहारी महाराज ने मांग की कि आशुतोष पांडे को सार्वजनिक रूप से जूतों की माला पहनाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई संतों पर कीचड़ उछालने की हिम्मत न करे।

प्रशासनिक सतर्कता और बढ़ता तनाव

फलाहारी महाराज के इस विवादित और हिंसक बयान के बाद मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या कानूनी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।

Dr. Bhanu Pratap Singh