IVF: विज्ञान की कोख से जन्मी आशा
Live Story Time
Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat.
IVF (In-Vitro Fertilization) यानि “शिशु को कृत्रिम रूप से गर्भधारण कराना” — यह तकनीक 1978 में इंग्लैंड में सफल हुई, जब दुनिया की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी ‘लुईस ब्राउन’ का जन्म हुआ। आज यह तकनीक लाखों दंपतियों की गोद को रोशन कर रही है।
कार्यक्रम की रंगारंग शुरुआत: जहां हर कोख मुस्कराई
25 जुलाई को आगरा के सिकंदरा स्थित उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के रेनबो IVF में ‘IVF दिवस’ पर उत्सव का वातावरण बना। मधुर संगीत और गुब्बारा थीम की सजावट ने माहौल को उल्लासपूर्ण बना दिया।
निशुल्क परामर्श और लॉटरी: हर मां के चेहरे पर मुस्कान
बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। उन्हें निशुल्क परामर्श दिया गया। लॉटरी ड्रॉ का आयोजन हुआ, जिसमें दंपतियों को उपहार और बच्चों को खिलौने प्रदान किए गए।

रेनबो IVF: जहां उम्मीदें आकार लेती हैं
रेनबो IVF एक ऐसा चिकित्सा केंद्र है जो विज्ञान और करुणा का संगम है। आधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञ और भावनात्मक सहारा इसे उत्तर भारत के अग्रणी IVF केंद्रों में गिनाता है।
डॉ. निहारिका मल्होत्रा: कोख को सपनों से भरने वाली चिकित्सक
देश की जानी-मानी IVF विशेषज्ञ डॉ. निहारिका मल्होत्रा ने महिलाओं का निःशुल्क परीक्षण किया। उन्होंने कहा, “वजन नियंत्रित करें, पोषण का ध्यान रखें और जीवनशैली को सुधारें। मातृत्व आपके नजदीक है।”
चेहरे की रौनक और आत्मविश्वास: डॉ. शिवालिक शर्मा का सौंदर्य मंत्र
बॉलीवुड सौंदर्य विशेषज्ञ डॉ. शिवालिक शर्मा ने त्वचा विश्लेषण मशीन द्वारा महिलाओं की त्वचा का परीक्षण किया और चेहरे को तेजोमय बनाने के टिप्स साझा किए।
संगीत की मिठास में घुला मातृत्व का सपना
कार्यक्रम में गीत-संगीत की मधुर धुनों ने सभी को मोह लिया। यह दिन आशा, सौंदर्य और संगीत का जीवंत संगम बन गया।
संपादकीय: डॉक्टर नेहारिका मल्होत्रा – संवेदना की प्रतिमूर्ति
डॉ. नेहारिका मल्होत्रा केवल एक डॉक्टर नहीं, संवेदना और ममता की प्रतिमूर्ति हैं। उनका प्रयास दंपतियों की भावनाओं को समझते हुए मातृत्व की राह को आसान बनाना है। रेनबो IVF आज आगरा की धरती पर सपनों को जीवन दे रहा है, और डॉ. नेहारिका उसका केंद्रबिंदु हैं।
इस IVF दिवस पर आगरा ने देखा — विज्ञान, सेवा और संगीत का ऐसा संगम, जिसने सपनों को जीवन दिया।
- अनंत चतुर्दशी पर संपन्न हुआ 12 दिवसीय पंचम गणेश महोत्सव, 101 किलो के भव्य मेवा मोदक को देखकर अचंभित हुए बच्चे, मंदिर परिसर में गूंजे गणपति बप्पा के जयकारे - September 25, 2026
- वन्देमातरम के 150 वर्ष: आगरा में डेढ़ लाख तो देशभर में एक करोड़ लोगों ने एक स्वर में किया राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन - September 25, 2026
- बहराइच के मिहींपुरवा में खौफनाक नजारा: सड़क किनारे की झोपड़ी में चारपाई पर आराम करता दिखा तेंदुआ, फ़ोटो वायरल - September 25, 2026