नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री नारायण गुरु की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और शिक्षाओं को याद किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, “श्री नारायण गुरु की जयंती पर, हम उनके दृष्टिकोण और हमारे सामाजिक एवं आध्यात्मिक परिदृश्य पर उनके प्रभाव को याद करते हैं। समानता, करुणा और विश्व बंधुत्व की उनकी शिक्षाएँ व्यापक रूप से गूंजती हैं। सामाजिक सुधार और शिक्षा को बढ़ावा देने का उनका आह्वान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।”
श्री मोदी ने कहा कि गुरु ने हमेशा समानता और सार्वभौमिक भाईचारे पर जोर दिया। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देते हैं और लोगों को करुणा, शिक्षा तथा सुधार की ओर अग्रसर करते हैं।
श्री नारायण गुरु का जन्म 1856 में केरल में हुआ था। उन्होंने जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानताओं के खिलाफ आवाज उठाई और समाज सुधार के लिए शिक्षा तथा आध्यात्मिक जागरण को अपना माध्यम बनाया। “एक जाति, एक धर्म और एक ईश्वर” का उनका संदेश समाज में समानता और एकता की मिसाल बन गया। उन्होंने न केवल धार्मिक सुधार की दिशा में काम किया बल्कि शिक्षा और सामाजिक उत्थान को भी जीवन का उद्देश्य बनाया।
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