तिरुवनंतपुरम। केरल की राजनीति में बुधवार को उस समय उबाल आ गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक बड़ी कार्रवाई ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन के आवास को केंद्र में ला दिया। ‘कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड’ (CMRL) मामले में जांच के तहत ईडी ने विजयन के परिवार से जुड़े ठिकानों सहित राज्य में 10 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के विरोध में सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल काटा और ईडी अधिकारियों की गाड़ियों पर हमला कर दिया।
आवास के बाहर हिंसक प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, जब ईडी के अधिकारी तलाशी पूरी करने के बाद पिनराई विजयन के बेकरी जंक्शन स्थित किराए के आवास से निकल रहे थे, तभी वहां जमा पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने ईडी की तीन गाड़ियों में तोड़फोड़ की और उन पर पथराव किया।
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी सूचना है। सुबह से ही विजयन और उनका परिवार घर के अंदर मौजूद था, जबकि बाहर बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता भाजपा नीत केंद्र सरकार और जांच एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
विपक्ष का आरोप: केंद्र का बदले की राजनीति
ईडी ने इस छापेमारी में पिनराई विजयन, उनकी बेटी वीणा विजयन और पूर्व मंत्री व दामाद पीए मोहम्मद रियास के आवासों को भी शामिल किया है। सीपीआई (एम) महासचिव एमए बेबी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक विद्वेष करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। पार्टी का स्पष्ट आरोप है कि यह छापेमारी केवल विजयन और वामपंथी दल के मनोबल को तोड़ने की एक सोची-समझी साजिश है।
विजयन का पलटवार: राहुल गांधी और भाजपा को घेरा
ईडी की रेड के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए पिनराई विजयन ने कांग्रेस और भाजपा, दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “ईडी काफी समय से मेरे घर की तलाश में थी। मुझे लगता है कि इस छापेमारी से राहुल गांधी को सबसे अधिक संतुष्टि मिलेगी, क्योंकि उन्होंने ही अपने प्रचार के दौरान बार-बार पूछा था कि मुझ पर छापा क्यों नहीं पड़ रहा है।”
विजयन ने कांग्रेस के रुख पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे कांग्रेस चाहती है कि भाजपा की ईडी केवल उन्हीं दलों पर कार्रवाई करे जो कांग्रेस के साथ नहीं हैं। उन्होंने अपनी पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा, “पार्टी का साथ मेरी सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे हथकंडों से न तो हमारा नामोनिशान मिटेगा और न ही हम झुकेंगे। हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
इस पूरे घटनाक्रम ने केरल की राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे दिया है, जहां वामपंथी दल इसे वैचारिक लड़ाई बता रहे हैं, वहीं भाजपा और कांग्रेस के निशाने पर अब विजयन का परिवार है।
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