लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भाजपा मध्यप्रदेश में पूरी तरह से मैदान में उतर चुकी है। पीएम नरेन्द्र मोदी खुद मिशन एमपी को लेकर बालाघाट में कांग्रेस पर जमकर बरसे। पीएम नरेन्द्र मोदी ने बालाघाट में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये चुनाव 21वीं सदी के भारत का बहुत अहम चुनाव है। ये सिर्फ चुनाव नहीं है कौन एमपी बने कौन न बने। ये इसका चुनाव नहीं है, ये चुनाव नए भारत के निर्माण का मिशन है। एक विकसित भारत विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को नई ऊर्जा देने वाला चुनाव है।
मोदी भक्त है महाकाल का, डरने वाला नहीं
बालाघाट में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मोदी भक्त है महाकाल है,मोदी झुकता है तो या तो जनता के सामने या महाकाल के सामने। मैंने महाकाल से विरोधियों की गाली झेलना सीखा है मैं उनकी धमकियों से डरने वाला नहीं हूं। ये इंडी गठबंधन मुझसे कितना चिढ़ा हुआ है ये पूरा देश देख रहा है। वो कहते हैं कि मोदी को रोकना है लेकिन मोदी को नहीं रोकना है देश के विकास को रोकना है। मैं अपना सबकुछ छोड़कर देश को विकसित करने का मिशन लेकर चला हूं। मेरे लिए पूरा देश ही मेरा परिवार है। जो लोग अपनी तिजोरियां भरने राजनीति में आए हैं वो एक बात कान खोल कर सुन लें मोदी को धमकी न दें।
बालाघाट में गरजे पीएम नरेन्द्र मोदी
बालाघाट में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बालाघाट में हर तरफ केसरिया सागर नजर आ रहा है, इतनी बड़ी तादाद में माता-बहनों का आशीर्वाद साफ साफ दिखा है कि 4 जून को मध्यप्रदेश में क्या परिणाम आने वाले हैं। 4-5 महीने पहले ही विधानसभा चुनावों में यहां कांग्रेस को पूरी तरह से साफ कर दिया। अब लोकसभा चुनाव में तो कांग्रेस के लोग भाजपा से नहीं लड़ रहे हैं एक दूसरे से लड़ रहे हैं। इसलिए एमपी के कोने कोने से आवाज आ रही है फिर एक बार मोदी सरकार। 2024 का लोकसभा चुनाव 21वीं सदी के भारत का बहुत अहम चुनाव है। ये सिर्फ चुनाव नहीं है कौन एमपी बने कौन न बने। ये इसका चुनाव नहीं है, ये चुनाव नए भारत के निर्माण का मिशन है। एक विकसित भारत विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को नई ऊर्जा देने वाला चुनाव है। जी-20 में दुनिया के असंभव लगने वाले निर्णय भारत में लिए जाते हैं तो हर देशवासी को लगता है कि उसकी ताकत बढ़ गई है। अमेरिका से आस्ट्रेलिया तक जब भारत का डंका बजता है तो भारतवासी को लगता है कि उसका सम्मान बढ़ा है। कभी कांग्रेस सरकारें अपनी अपनी समस्याएं लेकर दूसरे देशों के पास जाती थीं लेकिन अब वक्त बदल गया है। दूसरे देश आपस में लड़ रहे हैं लेकिन भारत से बातचीत करने के लिए आते हैं। ये चुनाव देश के इसी बदलाव को नई बुलंदी देने का चुनाव है। आजादी के बाद दशकों तक कांग्रेस बहुत ही पुरानी सोच पर चली। एक तो कांग्रेस के मन में आजादी के आंदोलन का अहंकार भरा पड़ा था। देशवासियों के बलिदान को कांग्रेस ने नकारा। छोटा सा कुनबा पूरे देश पर हावी हो गया और उसी की सोच देश को पिछड़ेपन की ओर ढकेलती गई। कांग्रेस सोचती थी हम तो गरीब देश हैं इसलिए हमें नई सड़कों की नए एयरपोर्ट की क्या जरूरत है। कांग्रेस के बड़े नेता जिन शहरों में रहते थे उनमें उन्होंने अपने लिए सारी सुविधाएं जुटाईं लेकिन देश को भूल गए। हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास का संकल्प लेकर चल रही है। कांग्रेस अभी भी अपनी मानसिकता में अकड़ी हुई है। जब भाजपा ने पहली महिला राष्ट्रपति के लिए कदम बढ़ाए तो कांग्रेस ने उन्हें हराने के लिए पूरी ताकत लगा दी।
इंडी एलाइंस बनाकर एक दूसरे से झगड़ रहे है। कहते हैं कि मोदी को रोकना है लेकिन मोदी को नहीं रोकना है देश के विकास को रोकना है। मैं अपना सबकुछ छोड़कर देश को विकसित करने का मिशन लेकर चला हूं। मेरे लिए पूरा देश ही मेरा परिवार है। जो लोग अपनी तिजोरियां भरने राजनीति में आए हैं वो मोदी को धमकी न दें।
-एजेंसी
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