कागज पर प्लॉट, जमीन पर खेती: आगरा की सुशांत ताज सिटी में 12 लाख लेके नही की रजिस्ट्री, दूसरे की जमीन बेचकर ऐंठे रुपय

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आगरा। ताजनगरी के चर्चित ‘सुशांत ताज सिटी’ प्रोजेक्ट में प्लॉट दिलाने के नाम पर एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। अंसल एपीआई (Ansal API) कंपनी पर आरोप है कि उसने एक महिला से करीब 12 लाख रुपये हड़प लिए, लेकिन बदले में उसे ऐसी जमीन का आवंटन पत्र थमा दिया जो कंपनी के स्वामित्व में थी ही नहीं। अदालत के कड़े रुख के बाद थाना जगदीशपुरा पुलिस ने अंसल ग्रुप के सर्वेसर्वा सुशील अंसल, प्रणव अंसल और बल्लभ कुमार शर्मा समेत कई जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

12 लाख लिए, पजेशन लेटर भी दिया, पर रजिस्ट्री गायब

पीड़िता आशा रानी शर्मा के अनुसार, उन्हें सुशांत ताज सिटी प्रोजेक्ट में प्लॉट नंबर B-0087 आवंटित किया गया था। विश्वास जीतने के लिए कंपनी ने उनसे 12 लाख रुपये की पूरी रकम वसूलने के बाद बाकायदा ‘ऑफर ऑफ पजेशन लेटर’ भी जारी कर दिया। पीड़िता को भरोसा था कि जल्द ही रजिस्ट्री उनके नाम हो जाएगी, लेकिन महीनों चक्कर काटने के बाद भी कंपनी टालमटोल करती रही।

​चौंकाने वाला खुलासा: कागज पर प्लॉट, जमीन पर खेती

जब पीड़िता ने राजस्व अभिलेखों (सरकारी दस्तावेजों) की गहराई से जांच करवाई, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि मौजा पनवारी के खसरा नंबर 755 की जिस जमीन को कंपनी ने उन्हें बेचा था, वह वास्तव में किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है। रिकॉर्ड के अनुसार, उस जमीन पर आज भी खेती की जा रही है और अंसल ग्रुप के पास उसे बेचने का कोई कानूनी अधिकार ही नहीं था।

कोर्ट के आदेश पर एक्शन में पुलिस

​पुलिस प्रशासन द्वारा शुरुआती सुनवाई न होने पर पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर अब थाना जगदीशपुरा में सुशील अंसल, प्रणव अंसल और बल्लभ कुमार शर्मा के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और अन्य संभावित पीड़ितों का भी पता लगाया जा रहा है।

निवेशकों में हड़कंप

​इस एफआईआर के बाद सुशांत ताज सिटी प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले अन्य लोगों में भी डर का माहौल है। निवेशकों को डर है कि कहीं उनके साथ भी ‘कागजी प्लॉट’ का खेल तो नहीं हुआ है। यदि जांच का दायरा बढ़ा, तो यह आगरा के रियल एस्टेट सेक्टर का एक बड़ा घोटाला साबित हो सकता है।

Dr. Bhanu Pratap Singh