इंदौर में मौत का तांडव: EV कार की चार्जिंग से भड़की आग ने ली एक ही परिवार के 8 लोगों की जान, धमाकों से दहला इलाका

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इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के तिलक नगर क्षेत्र में बुधवार तड़के एक ऐसा रूह कंपा देने वाला हादसा हुआ, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। बंगाली चौराहे के पास स्थित ब्रजेश्वरी कॉलोनी (छोटा राजबाड़ा इलाका) में एक घर में लगी भीषण आग में एक ही परिवार के 8 सदस्यों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। यह दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ जब परिवार एक मांगलिक कार्यक्रम के बाद गहरी नींद में सोया हुआ था।

EV कार की चार्जिंग बनी काल, शॉर्ट सर्किट से फैली लपटें

शुरुआती जांच और पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के अनुसार, हादसे की जड़ घर के बाहर चार्जिंग पर लगी एक इलेक्ट्रिक कार (EV) रही। तड़के करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे कार धू-धू कर जलने लगी। कार की लपटों ने देखते ही देखते घर को अपनी चपेट में ले लिया। दुर्भाग्य से, घर के भीतर करीब 15 गैस सिलेंडर रखे हुए थे, जो आग की तपिश झेल नहीं पाए।

एक के बाद एक 4 सिलेंडर ब्लास्ट, ढह गया मकान का हिस्सा

चश्मदीदों ने बताया कि सुबह के सन्नाटे में एक के बाद एक चार गैस सिलेंडरों में जोरदार धमाके हुए। विस्फोट इतने शक्तिशाली थे कि पुगलिया परिवार के मकान का एक हिस्सा जमींदोज हो गया। धमाकों की गूंज से पूरी कॉलोनी दहल उठी। पुलिस का मानना है कि विस्फोट के कारण बिजली गुल हुई और घर का ‘इलेक्ट्रॉनिक डोर लॉक’ सिस्टम जाम हो गया, जिससे अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला।

खुशियों वाले घर में पसरा मातम, 3 की हालत गंभीर

पुगलिया परिवार में एक पारिवारिक उत्सव चल रहा था, जिसके कारण कई रिश्तेदार भी घर पर ही रुके हुए थे। इस काल के ग्रास में विजय सेठिया, छोटू सेठिया, सुमन, मनोज पुगलिया, सिमरन, राशि, तनय और टीनू की मौत हो गई। वहीं, सौरभ, आशीष और हर्षित पुगलिया गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।

​कैलाश विजयवर्गीय और तुलसी सिलावट ने लिया जायजा

हादसे की खबर मिलते ही कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसी सिलावट मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए। दमकल की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो चुका था।

Dr. Bhanu Pratap Singh