प्राकृतिक खेती ही खुशहाली की असली कुंजी: कृषि कार्यशाला में बोले कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी

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आगरा। कृषि विज्ञान केंद्र, बिचपुरी में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के कैबिनेट मंत्री एवं आगरा जिला प्रभारी भूपेंद्र सिंह चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यशाला का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर, भाजपा आगरा जिला अध्यक्ष प्रशांत पोनिया तथा भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्राकृतिक खेती से किसानों की खेती की लागत में कमी आती है, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटती है तथा मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह खेती की एक प्रभावी पद्धति है।

उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी कृषि को अधिक लाभकारी बनाएं तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए भूमि की उर्वरता को सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल एक कृषि पद्धति नहीं, बल्कि प्रकृति और कृषि के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है।

फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को आधुनिक तकनीक तथा प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और अपने उत्पादों को बाजार में बेहतर मूल्य पर बेच सकते हैं।

कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती के विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, जैविक घोलों के उपयोग, देसी गाय आधारित कृषि पद्धतियों तथा मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए प्राकृतिक खेती से जुड़े व्यावहारिक अनुभव भी साझा किए।

कार्यशाला के दौरान क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। अतिथियों ने किसानों को सम्मान-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर उनके नवाचारों और कृषि क्षेत्र में योगदान की सराहना की। सम्मानित किसानों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से उत्पादन लागत में कमी आई है और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

इस अवसर पर विधायक चौधरी बाबूलाल, प्रदीप भाटी, कालीचरण सुमन, अशोक पिप्पल, अशफाक सैफी, हरिओम रावत, महेश शर्मा, देवेंद्र रावत, सत्यप्रकाश लोधी, मनवीर चौहान, उमा शंकर माहौर, मीडिया प्रभारी रोहित कत्याल, मुकेश चाहर, सोनू दिवाकर, डॉ. निधि शर्मा, दीपू जादौन, मनमोहन कुशवाह, के.के. सिकरवार, विजय श्रीवास्तव, सतेंद्र बरुआ, गौरव सोलंकी, महेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान, कृषि विशेषज्ञ एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं किसानों का आभार व्यक्त किया तथा प्राकृतिक खेती को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

Dr. Bhanu Pratap Singh