आगरा के उद्योग और विकास को लेकर नेशनल चैम्बर का सीएम से संवाद, 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा

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आगरा। आगरा के उद्योगों, रोजगार और समग्र विकास को लेकर चिंतित नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला। चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगरा के औद्योगिक, आर्थिक और पर्यटन विकास से जुड़े मुद्दों पर आधारित 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि ताज संरक्षित क्षेत्र (टीटीजेड) में उद्योगों से संबंधित सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत सीईसी रिपोर्ट पर चैम्बर को गंभीर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट पूर्व में पारित न्यायालयीन आदेशों और निर्धारित मानकों की अनदेखी कर तैयार की गई है, जिससे आगरा का औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन प्रभावित हो रहा है। चैम्बर ने अनुरोध किया कि टीटीजेड के लिए पहले से तय मानकों को यथावत रखा जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने आगरा को स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) घोषित किए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी। बताया गया कि टीटीजेड की पाबंदियों के कारण उद्योगों को कच्चा माल बाहर से मंगाना पड़ता है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ती है। एसईजेड का दर्जा मिलने से लागत में कमी आएगी और आगरा की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा सुदृढ़ होगी।

इसके साथ ही आगरा में आईटी सिटी की स्थापना की मांग उठाई गई। अध्यक्ष संजय गोयल और उपाध्यक्ष विवेक जैन ने कहा कि आगरा सड़क, रेल और हवाई संपर्क की दृष्टि से अनुकूल है। एनसीआर और नोएडा की आईटी सिटी की निकटता, आगरा एयरपोर्ट, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नजदीकी, सस्ती भूमि और शिक्षा संस्थानों की उपलब्धता के कारण यहां कुशल युवाओं का बड़ा आधार मौजूद है। ऐसे में आईटी हब की स्थापना से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

चैम्बर ने यूपीसीडा द्वारा 1 जनवरी 2025 से लागू किए गए शुल्क को भी अनुचित बताया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उद्यमी नगर निगम को 31 मार्च 2025 तक का कर पहले ही जमा कर चुके हैं, ऐसे में तीन माह का अतिरिक्त शुल्क अन्यायपूर्ण है। साथ ही यूपीसीडा द्वारा 35 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मांगा जा रहा शुल्क नगर निगम के गृह कर से डेढ़ से दो गुना अधिक है, जिसे उद्योग हित में पुनरीक्षित किया जाना चाहिए।

पर्यटन के मोर्चे पर भी कई प्रस्ताव रखे गए। प्रतिनिधिमंडल ने सींगना गांव में यमुना तट स्थित शांता घाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने तथा यमुना किनारे मौजूद प्राचीन धार्मिक स्थलों—भगवान परशुराम की माताजी रेणुका, महाकवि सूरदास और श्रीकृष्ण भगवान के बाबाश्री शूरसैन की जन्मस्थलियों के समुचित विकास की मांग की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और सभी बिंदुओं पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, उपाध्यक्ष संजय कुमार गोयल, उपाध्यक्ष विवेक जैन, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल और सदस्य राजेन्द्र कुमार अग्रवाल शामिल रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh