MLC चुनाव से पहले सत्ताधारी दल में खुली बगावत: बीजेपी एमएलसी के तीखे तेवर, कहा— “लोकतंत्र में शिक्षकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं”

POLITICS

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने एक बार फिर तीखे और बागी तेवर दिखाते हुए प्रशासनिक मशीनरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को जारी अपने बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में शिक्षकों और वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों को धमकाकर आगामी एमएलसी चुनाव में वोट हासिल करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) का खुला उल्लंघन करार देते हुए निर्वाचन आयोग से तत्काल और सख्त हस्तक्षेप की मांग की है।

आजमगढ़, मऊ और बलिया के अधिकारियों पर धमकाने का आरोप

एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सुबह मिली सूचना के अनुसार, आजमगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों को आधिकारिक पत्र जारी कर उनकी मान्यता खत्म करने की खुली धमकी दे रहे हैं। इसी प्रकार मऊ जिले में जिला विद्यालय निरीक्षक और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा स्कूलों तथा मदरसों में जाकर शिक्षकों को प्रताड़ित और भयभीत किया जा रहा है। इसके अलावा, बलिया जिले के DIOS की ओर से भी इसी तर्ज पर दबाव बनाने वाले पत्र जारी किए जाने की बात सामने आई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा से जुड़ी इस महत्वपूर्ण सीट पर इस तरह की मनमानी और दबाव की राजनीति कतई स्वीकार नहीं की जा सकती।

“शिक्षकों को डरने की जरूरत नहीं, मैं उनके साथ खड़ा हूं”

विगत 12 अक्टूबर को गोरखपुर में आयोजित एक शिक्षक सम्मेलन के दौरान मंच से उतारे जाने के बाद से लगातार आहत चल रहे देवेंद्र प्रताप सिंह ने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी प्रशासनिक दबाव या धमकी से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, “मतदान आपका मौलिक अधिकार है। लोकतंत्र में इस तरह की धमकियां बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। जो लोग आपके सम्मान को ठेस पहुँचा रहे हैं, उन्हें आगामी 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान के जरिए करारा जवाब दें।”

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह किसी भी कीमत पर शिक्षकों का उत्पीड़न सहन नहीं करेंगे और शिक्षक चाहे किसी भी वैचारिक पृष्ठभूमि से हों, उनके हित, सम्मान, प्रतिभाशाली युवाओं और प्रतियोगी छात्रों के अधिकार हमेशा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहे हैं।

निर्वाचन आयोग से सख्त कार्रवाई की मांग

देवेंद्र प्रताप सिंह ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने उन सभी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है जो सत्ता के दबाव में आकर शिक्षकों को डराने और चुनाव को प्रभावित करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि आगामी 23 अक्टूबर को होने वाले इस विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले सत्ताधारी दल के ही एक वरिष्ठ एमएलसी के इस प्रकार खुलकर सामने आने से प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

Dr. Bhanu Pratap Singh