लखनऊ/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ की तर्ज पर रखी गई मस्जिद की नींव ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस मामले की गूंज अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक पहुँच गई है, जहाँ शहर के प्रमुख चौराहों पर विवादित और चेतावनी भरे पोस्टर लगाए गए हैं।
लखनऊ में पोस्टर वॉर: “हुमायूं हम आएंगे…”
विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने लखनऊ के 1090 चौराहा, हजरतगंज और अंबेडकर चौराहे समेत कई इलाकों में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए हैं। इन पोस्टरों में सीधे तौर पर चुनौती देते हुए लिखा गया है— “हुमायूं हम आएंगे, बाबरी फिर से गिराएंगे।” पोस्टरों पर एक तरफ संगठन के अध्यक्ष गोपाल राय और दूसरी तरफ बंगाल की सीएम ममता बनर्जी व हुमायूं कबीर की तस्वीरें हैं। साथ ही “बटोंगे तो कटोगे” का नारा भी प्रमुखता से लिखा गया है।
10 फरवरी को मुर्शिदाबाद कूच का ऐलान
हिंदू संगठन ने ऐलान किया है कि वे 10 फरवरी को भारी संख्या में मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) पहुंचेंगे। बता दें कि 11 फरवरी से इस नई मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू होना है। संगठन का आरोप है कि बंगाल की सरकार हिंदू विरोधी है और वे किसी भी कीमत पर नई बाबरी का निर्माण नहीं होने देंगे।
क्या है पृष्ठभूमि?
विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को इस मस्जिद की नींव रखी थी और दावा किया था कि यह बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनेगी। उन्होंने यह भी चुनौती दी थी कि कोई इसकी एक ईंट भी नहीं हटा सकता। अब इसी बयान और निर्माण के खिलाफ हिंदू संगठनों ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।
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