आगरा। केपी ग्रुप ने हेल्थकेयर सेक्टर से हटकर अब होटल उद्योग और रियल एस्टेट पर फोकस करने का फैसला किया है। इसी रणनीति के तहत शहर में संचालित केपी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (केपीआईएमएस) को दिल्ली के प्रतिष्ठित पार्क ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स को बेच दिया गया है। अधिग्रहण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पार्क ग्रुप मध्य जनवरी 2026 से अस्पताल का संचालन अपने हाथों में ले लेगा।
उल्लेखनीय है कि पुराने रघुनाथ टॉकीज परिसर में अप्रैल 2023 में शुरू हुआ केपीआईएमएस महज दो वर्षों के भीतर ही आगरा के प्रमुख मल्टी सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों में अपनी पहचान बना चुका था। सौ बेड क्षमता वाले इस अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ रोबोटिक सर्जरी जैसी हाई-एंड सेवाएं भी उपलब्ध थीं, जिससे यह क्षेत्र के हेल्थकेयर सेक्टर में खास मुकाम हासिल कर पाया।
केपी हॉस्पिटल के डायरेक्टर अक्षत अग्रवाल ने बिजनेस डील की पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल के संचालन में अत्यधिक समय और संसाधन लगने के कारण ग्रुप के अन्य प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल को लेकर यह रणनीतिक निर्णय लिया गया। उन्होंने संकेत दिए कि केपी ग्रुप अब होटल व्यवसाय में बड़े निवेश की तैयारी कर रहा है और ताजनगरी में एक प्रमुख ब्रांडेड होटल स्थापित करना ग्रुप का लक्ष्य है। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा में चल रही रियल एस्टेट परियोजनाओं पर भी विशेष फोकस किया जाएगा।
केपीआईएमएस का अधिग्रहण करने वाला पार्क ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स पहले से ही दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में कई आधुनिक अस्पतालों का सफल संचालन कर रहा है। पार्क ग्रुप के आगरा में प्रवेश से शहर के हेल्थकेयर सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ-साथ निवेश में भी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
गौरतलब है कि आगरा के हेल्थकेयर सेक्टर में हाल के महीनों में बड़े कॉर्पोरेट बदलाव देखने को मिले हैं। सितंबर 2025 में शांतिवेद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का यथार्थ ग्रुप के साथ विलय हुआ था, जबकि इसी वर्ष मार्च में मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड ने साइंटिफिक पैथोलॉजी का अधिग्रहण किया था।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के कुछ और बड़े मल्टी सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल ग्रुप नए साल में ताजनगरी में प्रवेश की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि नामचीन ग्रुप आगरा के तीन बड़े अस्पतालों के अधिग्रहण को लेकर संपर्क में हैं। बाईपास मार्ग पर स्थित एक प्रमुख अस्पताल के लिए भी बातचीत चल रही है। संभावना है कि नए साल में दो और बड़े अस्पताल कॉर्पोरेट ग्रुप्स के हाथों में जा सकते हैं, जिससे आगरा का हेल्थकेयर परिदृश्य तेजी से बदल सकता है।
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