स्टार भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच सीरीज को बायो-बबल के बिना आयोजित करने का निर्णय लेने के बाद अच्छा महसूस कर रहे हैं। यह कदम पूरे देश में मामलों में भारी कमी के बाद लिया गया है। इस मैच से ठीक पहले पंत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह मैदान पर 100% देते हैं। उनके पिता भी विकेटकीपर थे और वह भी हैं।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीबीसीआई) की ओर से हटाए गए बायो बबल के बारे में उन्होंने कहा, ‘बायो-बबल से बाहर निकलना वास्तव में बहुत अच्छा एहसास है और उम्मीद है कि अब बायो-बबल जैसे हालात नहीं होंगे, इसलिए मैं जानकर बेहद खुश हूं।’ विकेटकीपर-बल्लेबाज इस समय टीम इंडिया के साथ दिल्ली में हैं क्योंकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज 9 जून से यहां अरुण जेटली स्टेडियम में शुरू हो रही है।
पंत ने एसजी क्रिकेट पॉडकास्ट को बताया कि ‘जब आप पूरे साल खेलते रहते हैं, खासकर उस तरह के दबाव के साथ जो आपके दिमाग को आराम देने के लिए महत्वपूर्ण है। अगर आप अपने दिमाग को तरोताजा नहीं कर सकते हैं तो आप अपना सौ प्रतिशत नहीं देंगे। हमें अपने ऊपर काम करते रहने की जरूरत है ताकि आप तरोताजा रहें।’
उनकी बल्लेबाजी के बारे में पूछे जाने पर युवा क्रिकेटर ने कहा कि वह विकेटकीपर-बल्लेबाज कहलाना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘जब भी मैं मैदान पर आता हूं तो मैं हमेशा अपना सौ प्रतिशत देने की कोशिश करता हूं, लेकिन मैं हमेशा विकेटकीपर-बल्लेबाज ही रहा हूं। मैंने बचपन से ही कीपिंग की थी क्योंकि मेरे पिता भी विकेटकीपर थे। इसी तरह मैंने विकेटकीपिंग करना शुरू किया।’
-एजेंसियां
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