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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat.भगवान झूलेलाल के चालिया समापन पर स्वामी लीलाशाह धर्मशाला हरिद्वार में सामूहिक ज्योति का विसर्जन धूमधाम से ढोल नगाड़ों के साथ किया गया। यह ज्योति आगरा से गई थी। माताओं व बहनों ने भगवान झूलेलाल के पंजड़े गाये।
सिंन्धी सेंट्रल पंचायत अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सोनी ने बताया कि जब सिंध प्रांत के मिरक शाह बादशाह ने सभी को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए कहा था, तब सिंधी समाज के लोगों ने सिंधु नदी पर 40 दिनों तक वरुण देव की पूजा-अर्चना की। इसके बाद झूलेलाल साईं का जन्म हुआ। उन्होंने सभी सिंधियों को बचाया। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए आज भी सिंधी समाज के लोग चालिया महोत्सव मनाते हैं। इस दौरान 40 दिनों का व्रत रखते हैं। सांसारिक वस्तुओं से परहेज करते हैं। झूलेलाल भगवान से क्षमा मांगते हैं। आरती करते हैं। मान्यता है कि इस तरह व्रत रखने और पूजा-अर्चना करने से झूलेलाल भगवान प्रसन्न होते हैं.
वर्ष 2025 में भी सिंधी सेंट्रल पंचायत वृहद जन यात्रा के साथ ही सभी क्षेत्रों की पंचायतों की भी चालिया साहिब की ज्योतियां हरिद्वार ले कर आएँगी। सिंन्धी सेंट्रल पंचायत अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सोनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम दास देवनानी, महामंत्री परमानन्द आतवानी, अशोक कोड़वानी, जगदीश डोडानी, मेघराज शर्मा चंद्र प्रकाश बदलानी, भजन लाल माखीजा की उपस्थिति उल्लेखीय रही।
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