अमेरिका के न्यू जर्सी में नेवार्क मस्जिद के बाहर एक इमाम की गोली मारकर हत्या कर दी गई. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अभी तक इस हमले के पीछे की मंशा का पता नहीं लग सका है.
न्यू जर्सी के अटॉर्नी जनरल मैथ्यू प्लैटकिन ने कहा कि अभी तक हुई जाँच और सबूतों में ये संकेत नहीं मिलते कि गोलीबारी पूर्वाग्रह से प्रेरित अपराध थी या फिर इसमें कोई आतंकवाद से जुड़ा एंगल था. बुधवार को जिन इमाम की हत्या हुई उनका नाम हसन शरीफ़ है
मामले में बुधवार को हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान एसेक्स काउंटी के अधिवक्ता थियोडोर स्टीफ़ंस ने कहा कि शरीफ़ पर सुबह छह बजे के आसपास कई बार गोलियां चलाई गईं. वह उस समय अपनी गाड़ी में मस्जिद के बाहर ही थे. यहां से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां दोपहर में उनकी मौत हो गई. प्लैटकिन ने कहा कि न्यू जर्सी में इन दिनों बहुत से लोग डर में जी रहे हैं.
रॉयटर्स ने लिखा है कि सात अक्टूबर को इसराइल पर हमास के हमले और फिर इसराइल की कार्रवाई के बाद से अमेरिका में भी इस्लामोफ़ोबिक मामले बढ़ गए हैं. इसी की वजह से अमेरिका के सुरक्षा विभाग ने अलग-अलग धर्मों को मानने वालों से सतर्कता बरतने को कहा था.
-एजेंसी
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