हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई संगम: आगरा का ईद मिलन बना राष्ट्रीय एकता की मिसाल

RELIGION/ CULTURE

आगरा में गूंजी गंगा-जमुनी तहज़ीब की आवाज़: ईद मिलन समारोह में हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई एकता का अद्भुत संगम

राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर सजा भव्य मंच

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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat. हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जमीयत उलेमा ए हिंद के केंद्रीय नेतृत्व हजरत मौलाना मोहम्मद अरशद मदनी साहब और हजरत मौलाना सैयद महमूद मदनी साहब के आह्वान पर पूरे देश में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और भाईचारे का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ईद मिलन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में आगरा जनपद में यूथ हॉस्टल, संजय पैलेस में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता आगरा के ऐतिहासिक मनकामेश्वर मठ के परम आदरणीय महंत श्री योगेश पुरी जी ने की।

उद्घाटन में दिखी सौहार्द की मिसाल
समारोह का उद्घाटन मौलाना कारी मोइनुद्दीन साहब और श्री विशाल रियाज जी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन से किया। दोनों वक्ताओं ने अपने विचारों में एकता, सद्भाव और आपसी प्रेम को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया।
महंत योगेश पुरी जी का प्रेरणादायी अध्यक्षीय संदेश
अध्यक्षीय भाषण में महंत श्री योगेश पुरी जी ने कहा कि सभी को अपने-अपने धर्म में निष्ठावान होना चाहिए और उसकी शिक्षाओं का पालन करना चाहिए, लेकिन दिल में हर इंसान के लिए प्रेम और भाईचारा होना चाहिए। यही असली धर्म है और यही भारत की पहचान है।
सिख और ईसाई धर्मगुरुओं ने भी जोड़ा एकता का सूत्र
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरदार कुलविंदर सिंह जी (हेड ग्रंथी, गुरुद्वारा माईथान) ने कहा कि हम एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होकर सभी धर्मों को राष्ट्रीय एकता की कड़ी में जोड़ते हैं।
दूसरे मुख्य अतिथि सेंट मेरी चर्च, आगरा के फादर जोसेफ डाबरे जी ने कहा कि ऐसे त्योहार हमें एक-दूसरे के करीब लाते हैं और हम एक-दूसरे के सुख-दुख को बांटते हैं।

बुद्धिजीवियों ने बताया कार्यक्रम का महत्व
मिर्ज़ा ग़ालिब रिसर्च अकैडमी के निदेशक डॉ. सय्यद इफ्तिखार अहमद जाफरी और भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के अध्यक्ष श्री शमी आगई ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना को मजबूत करते हैं।
त्योहारों को साथ मनाने की अपील
मुस्लिम महापंचायत के प्रदेश सरपंच जनाब नदीम नूर साहब और इस्लामिया लोकल एजेंसी आगरा के चेयरमैन के पुत्र एवं युवा नेता मोहम्मद अमजद कुरैशी ने कहा कि सभी त्योहार मिलजुलकर मनाने चाहिए। उन्होंने रामनवमी पर भी एक-दूसरे को बधाई देने का उल्लेख किया।
हर मोहल्ले तक पहुंचे भाईचारे का संदेश
जमात इस्लामी हिंद जिला आगरा के श्री मोहम्मद अतीक, खानकाह कदम रसूल बोदला के श्री सलमान शेख और वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. मोहम्मद आसिम कुरैशी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम हर मोहल्ले और क्षेत्र में आयोजित होने चाहिए।
नागरिक अभिनंदन से बढ़ा सम्मान का माहौल
कार्यक्रम में हाजी हारून पहलवान साहब, हाजी मोहम्मद अंसार साहब और जनाब हाजी मोहम्मद शहजाद साहब ने महंत योगेश पुरी जी का नागरिक अभिनंदन किया।
श्री चौधरी अली साबरी साहब, श्री चौधरी मोहम्मद एजाज उद्दीन साहब और श्री हाजी मोहम्मद अयूब साहब ने सरदार कुलविंदर सिंह जी का सम्मान किया।
जनाब हाजी कदीर साहब, जनाब इरशाद भाई उर्फ लाला भाई और हाजी मोहम्मद रईस साहब ने फादर जोसेफ डाबरे जी का अभिनंदन किया।

सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बना ईद मिलन समारोह

🟡 विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मानित हुए प्रतिभाशाली लोग
कार्यक्रम में श्री अब्दुल जब्बार उर्फ भूरी सिंह जी (फतेहपुर सीकरी) को शिक्षा के क्षेत्र में, श्री खावर हाशमी जी को उर्दू पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर और मुफ्ती मोहम्मद ओसामा को धार्मिक शिक्षा के उत्थान हेतु सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मौलाना मुफ्ती मोहम्मद इमरान (मुफ्ती ए शहर आगरा), मौलाना मुफ्ती मोहम्मद इब्राहिम साहब और मौलाना अकील अहमद कासमी ने दुआओं से नवाजा।
🟡 एकता के प्रतीक के रूप में हुआ विशेष सम्मान
कारी इम्तियाज अहमद कासमी, कारी मोहम्मद दिलशाद अहमद कासमी और मौलाना मोहम्मद इसरार साहब ने वरिष्ठ समाजसेवी श्री मोहन कुमार वर्मा (मुन्नालाल ज्वेलर्स, शाहगंज) का नागरिक अभिनंदन किया।
🟡 विभिन्न समाजसेवियों और नेताओं की सहभागिता
कार्यक्रम में जनाब अफजालुद्दीन साहब, अदनान कुरेशी साहब, परवेज उद्दीन शानू भाई, मोहम्मद असलम भारतीय, श्री महेंद्र सिंह जी, जनाब मोहम्मद हाजी रईस आलम साहब, जनाब मोहम्मद कासिम साहब, हाजी मोहम्मद रईस साहब, हाजी मोहम्मद साकिर साहब (पूर्व रजिस्ट्रार), हाजी मोहम्मद नसीम साहब (जद्दा वाले), इमरान कुरैशी साहब, श्री मोहम्मद राशिद कुरैशी, श्री मोहम्मद अयान आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।

 संचालन और समापन
कार्यक्रम का संचालन मौलाना मोहम्मद उजैर आलम साहब (नायब शहर काजी) ने किया और धन्यवाद ज्ञापन श्री सगीर अहमद (प्रवक्ता) ने प्रस्तुत किया। अंत में मौलाना मुफ्ती मोहम्मद इमरान (मुफ्ती ए शहर, आगरा) ने देश में अमन-चैन और भाईचारे के लिए दुआ कराई।

संपादकीय

 आज के दौर में जब छोटी-छोटी बातों पर समाज में दूरी बढ़ जाती है, ऐसे आयोजन उम्मीद की किरण बनकर सामने आते हैं। आगरा का यह ईद मिलन समारोह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की आत्मा—गंगा-जमुनी तहज़ीब—का जीवंत उदाहरण है।
महंत योगेश पुरी जी, मौलाना मदनी साहब, सरदार कुलविंदर सिंह जी और फादर जोसेफ डाबरे जी जैसे धर्मगुरुओं का एक मंच पर आना यह साबित करता है कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता में एकता है।
यह आयोजन हमें सिखाता है कि धर्म का असली उद्देश्य इंसानियत को जोड़ना है, न कि तोड़ना। ऐसे कार्यक्रमों को हर शहर, हर मोहल्ले में आयोजित किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस अमूल्य विरासत को समझ सकें और अपनाएं।
समाज के सभी वर्गों का इस तरह एक साथ आना यह संदेश देता है कि जब इरादे नेक हों, तो हर दीवार गिर जाती है और हर दिल जुड़ जाता है।

डॉ भानु प्रताप सिंह, संपादक

Dr. Bhanu Pratap Singh