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सुप्रीम कोर्ट ने हिजाब विवाद से संबंधित याचिकाओं को कर्नाटक हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफ़र करने की मांग वाली याचिका को तत्काल सूची में शामिल करने इनकार कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कर्नाटक हाईकोर्ट को आज इस मामले पर पहली सुनवाई करनी है, और उसे इस स्तर पर हस्तक्षेप आख़िर क्यों करना चाहिए? ये कहते हुए कोर्ट ने इस मामले पर तारीख़ देने से इंकार कर दिया है.
कर्नाटक के कॉलेजों में छात्राओं के हिजाब पहनने पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ दायर याचिका पर कर्नाटक हाईकोर्ट के तीन जजों की बेंच आज सुनवाई कर रही है.
इस बेंच में एक मुसलमान महिला जज को भी सदस्य बनाया है. जस्टिस जयबुनिसा मोहिउद्दीन खाजी इस बेंच की सदस्य हैं जिन्हें पिछले साल एक ज़िला जज के पद से पदोन्नति देकर हाईकोर्ट का जज बनाया गया था.
इस बेंच की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश स्वयं करेंगे.
पीठ के दूसरे सदस्य न्यायमूर्ति कृष्णा दीक्षित हैं जिन्होंने तीन दिनों तक हिजाब मामले पर सुनवाई करने के बाद इसे बड़ी पीठ के पास भेजने का फैसला लिया क्योंकि इस मामले में संवैधानिक सवाल और व्यक्तिगत क़ानून दोनों शामिल हैं.
बीते महीने कर्नाटक के उडुपी स्थित एक कॉलेज ने मुस्लिम लड़कियों के हिजाब पहन कर कैंपस में दाखिल होने पर रोक लगा दी थी जिसके बाद छात्राओं ने इस फ़ैसले का विरोध किया.
देखते ही देखते छात्रों के एक अन्य समूह ने भगवा शॉल ओढ़ कर हिजाब पहन कर कॉलेज आने वाली छात्राओं के ख़िलाफ़ प्रदर्शन शुरू कर दिया. कुछ दिनों के भीतर ही ये मामला उडुपी के एमजीएम कॉलेज से फैलकर कई ज़िलों के कॉलेजों तक पहुंच गया.
बिगड़ते हालात को देखते हुए मंगलवार को राज्य सरकार ने तीन दिनों तक सभी हाईस्कूल और कॉलेज बंद करने का आदेश दिया.
-एजेंसियां
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