केंद्रीय रिज़र्व बैंक ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 7.8% वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान लगाया है. इसके साथ ही रिज़र्व बैंक ने साल 2022 का बजट पेश होने के बाद अपनी पहली मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो और रिवर्स रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है. 2021 की तरह इस समय भी रेपो रेट 4% और रिवर्स रेपो रेट 3.35% रखा गया है.
ये जानकारी रिज़र्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने दी है.
यह दसवीं बार है जब आरबीआई ने लेंडिंग रेट (ऋण दर) में बदलाव नहीं किया है ताकि और कोविड महामारी के बीच इन दरों को उदार रखा जा सके.
बजट से पहले आए आर्थिक सर्वेक्षण में इस साल जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 9.2% रखा गया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 तक राजस्व घाटा जीडीपी के 4.5% तक पहुँचने की बात कही गई है. 2022/23 में राजस्व घाटा जीडीपी का 6.4% रहने का अनुमान है. 2021/22 में संशोधित राजस्व घाटा जीडीपी का 6.9% बताया गया है. 2022/23 में कुल खर्च 39.45 ट्रिलियन रुपए होने का अनुमान है.
-एजेंसियां
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