Mathura (Uttar Pradesh, India)। मथुरा। खुफिया एजेंसियों से यूपी पुलिस को हाथरस कांड के पीछे जातीय हिंसा की साजिश होने का इनपुट मिला है। इसके चलते प्रदेश भर में पुलिस अलर्ट है। मथुरा जिले में भी अस्थिरता फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सोमवार को यमुना एक्सप्रेसवे के मांट टोल प्लाजा पर पुलिस ने चार संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक केरल का रहने वाला है। ये चारों दिल्ली से हाथरस जा रहे थे। पुलिस को पांच अक्टूबर को सूचना प्राप्त हुई कि यमुना एक्सप्रेस से होते हुए कुछ संदिग्ध व्यक्ति दिल्ली से हाथरस की ओर जा रहे हैं। मांट टोल प्लाजा पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चैकिंग शुरू कर दी गई। स्विफ्ट डिजायर नम्बर डीएल 01 जेडसी 1203 में चार लोग सवार थे। संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर चारों को हिरसात में लेकर पूछताछ की गई।
मोबाइल, लैपटॉप एवं संदिग्ध साहित्य (शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला) प्राप्त हुआ है
पकड़े गए आरोपी अतीक उर रहमान पुत्र रौनक अली निवासी नगला थाना रतनपुरी जिला मुजफ्फरनगर, सिद्दीकी पुत्र मोहम्मद चैरूर निवासी बेंगारा थाना मल्लपुरम, केरल, मसूद अहमद निवासी कस्बा और थाना जरवल जिला बहराइच तथा आलम पुत्र लईक पहलवान निवासी घेर फतेह खान थाना कोतवाली, जिला रामपुर हैं। एसपी देहात श्रीश चंद्र के अनुसार संदिग्ध गतिविधियां लगने पर इन चारों युवकों को गिरफ्तार किया है। ये कार से हाथरस जा रहे थे। इनके कब्जे से मोबाइल, लैपटॉप एवं संदिग्ध साहित्य (शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला) प्राप्त हुआ है। पूछताछ में पता चला है कि इन युवकों का संबंध पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) एवं उसके सहसंगठन कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) से हैं।
पत्रकार बनकर जा रहे थे हाथरस
सूत्रों के अनुसार कार में सवार यह लोग पत्रकार बनकर हाथरस जा रहे थे। पुलिस और इंटेलिजेंस के अलावा एटीएस भी इनसे पूछताछ कर रही है। सूत्रों का कहना है इसमें बड़े मामले का खुलासा हो सकता है।
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