जो देश अपनी कला को आगे नहीं बढ़ाते, वह पीछे छूट जाते हैं: केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल
केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल और राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र सहित कई गणमान्य महानुभावों ने कला-साधना को सराहा
सीएफ एंड्रयूज स्कूल बल्केश्वर के वातानुकूलित सभागार में सजी कला- संस्कृति की अनूठी महफिल, 100 उभरते कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल
आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, वृंदावन, एटा, हाथरस, शाहजहाँपुर, अलीगढ़, बरेली और बदायूँ के कला गुरु रहे शामिल
आगरा। संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर कला एवं साहित्य को समर्पित अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती ब्रज प्रांत के अंतर्गत संस्कार भारती, जिला आगरा के तत्वावधान में रविवार को बल्केश्वर स्थित सेंट एंड्रयूज स्कूल के वातानुकूलित सभागार में नटराज पूजन के साथ 101 कला गुरुओं का भाव भरा सम्मान किया गया। आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, वृंदावन, एटा, हाथरस, शाहजहाँपुर, अलीगढ़, बरेली और बदायूँ के कला गुरु शामिल रहे।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल, मुख्य वक्ता राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र, विशिष्ट अतिथि पत्रकारिता विश्वविद्यालय मध्य प्रदेश के पूर्व कुलपति बलदेव भाई और कार्यक्रम अध्यक्ष समाजसेवी भूप सिंह इंदौलिया ने माँ शारदे और नटराज जी की मूर्ति पर माल्यार्पण व समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।
इस दौरान स्वागताध्यक्ष सेंट एंड्रयूज शिक्षा समूह के मुख्य प्रबंध निदेशक डॉ. गिरधर शर्मा, विशिष्ट अतिथि एडवोकेट अमित जैन, पवन गुप्ता, मनीष अग्रवाल पायल वाले, संस्कार भारती के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य बाँकेलाल जी, अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष एड. सुभाष चंद्र अग्रवाल, त्रिक्षेत्रीय संगठन मंत्री विजय कुमार, प्रांतीय संरक्षक एसके मिश्रा, रामकुमार अग्रवाल भी मंच पर मौजूद रहे।
इस मौके पर मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने कला गुरुओं के सम्मान की सराहना करते हुए कहा कि जो देश अपनी कला को आगे नहीं बढ़ाते, वह पीछे छूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय कला-संस्कृति और ज्ञान को कला गुरु ही वैश्विक पहचान प्रदान कर रहे हैं।
प्रांतीय अध्यक्ष सीए संजय गोयल तथा जिलाध्यक्ष राम अवतार यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। जिला महामंत्री यतेन्द्र सोलंकी ने आयोजन की भूमिका व प्रस्तावना रखते हुए संस्था के कार्यों से सबको अवगत कराया।
कार्यक्रम में गजेंद्र सिंह चौहान, डॉ. ज्योति खंडेलवाल, वीरा सक्सेना और रोशनी गिडवानी के निर्देशन में 100 उभरते कलाकारों द्वारा ध्येय गीत, गुरु वंदना, गुरु स्तुति और सरस्वती वंदना-भाव नृत्य, वंशी वादन, लोक नृत्य, नाटक, एकल गीत और एकल नृत्य जैसी भावपूर्ण प्रभावी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कुँवर अनंत विश्वेन्द्र सिंह द्वारा पद्मश्री बाबा योगेंद्र दा पर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री फिल्म ने सबको भाव-विभोर कर दिया।
झंकार जैन के नृत्य, भावना के भजन और ध्रुव के बाँसुरी वादन ने सबका मन मोह लिया। अतिथियों ने प्रखर अवस्थी के संपादन में प्रकाशित कला कुंज भारती ब्रज प्रांत प्रथम अंक का भी लोकार्पण किया।
प्रांतीय कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, प्रांतीय महामंत्री नंदनंदन गर्ग, प्रांतीय मंत्री डॉ. मनोज पचौरी, प्रांतीय साहित्य संयोजक डॉ. केशव शर्मा, प्रांतीय मंचीय कला संयोजक मदन मोहन लाल, प्रांतीय दृश्य कला संयोजिका डॉ. इंदिरा अग्रवाल, प्रांतीय कला धरोहर संयोजक आर्येंद्र प्रकाश, प्रांतीय लोक कला संयोजक कुंवर पाल भँवर, जिला संरक्षक करतार चंद्र शास्त्री की प्रमुख उपस्थित रही।
जिला उपाध्यक्ष प्रो. नीलू शर्मा, हरेंद्र सिकरवार, रक्षपाल सिंह परमार, जिला मंत्री गुंजन जादौन, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख विजय कुमार गोयल, जिला मंचीय कला संयोजक डॉ. हरिओम माहौर, जिला दृश्य कला संयोजिका डॉ. ममता बंसल, लोक कला संयोजक संजय बघेल, साहित्य संयोजक एड० संजीव वशिष्ठ, श्री कृष्ण और ऋतुराज ने विभिन्न व्यवस्थाएँ सँभालीं।
प्रांतीय कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। वरिष्ठ साहित्यकार व पूर्व अखिल भारतीय साहित्य संयोजक राज बहादुर सिंह राज ने कार्यक्रम का संचालन किया।
रामेंद्र मोहन त्रिपाठी, प्रोफेसर सुगम आनंद, डॉ. कुसुम चतुर्वेदी सहित 101 को मिला कला गुरु सम्मान
समारोह में साहित्य, पत्रकारिता, इतिहास, चित्रकला, रंगकर्म, संगीत, लोक गायन एवं लोक नृत्य क्षेत्र से 101 विभूतियों को कला गुरु सम्मान प्रदान किया गया।
इनमें आगरा से सुप्रसिद्ध कवि रामेंद्र मोहन त्रिपाठी, डॉ. शशि तिवारी, डॉ. कुसुम चतुर्वेदी, डॉ. सुषमा सिंह, शीलेंद्र कुमार वशिष्ठ, इतिहासविद् प्रो. सुगम आनंद, रंग-रेखा मर्मज्ञ डॉ. चित्रलेखा सिंह, डॉ. सरोज भार्गव, डॉ. साधना सिंह, फिल्मकार रंजीत सामा, उमाशंकर मिश्रा, संगीतज्ञ डॉ. अमिता त्रिपाठी, प्रो. नीलू शर्मा, डॉ. सदानंद ब्रह्म भट्ट, शुभाशीष गांगुली, लोक गायक पंडित मनोज दुबे, वरिष्ठ पत्रकार आदर्श नंदन गुप्त, डॉ. भानु प्रताप सिंह और डॉ. महेश धाकड़ प्रमुख रूप से शामिल रहे।
शाहजहाँपुर से कप्तान सिंह कर्णधार, डॉ. आनंद प्रकाश मिश्रा, वृंदावन से प्रताप नारायण बेहरा, उझानी से प्रमोद कुमार, फिरोजाबाद से डॉ. स्नेह लता शर्मा, हाथरस से रामेश्वर, बरेली से नीलिमा रावत, बदायूं से मदन मोहन, एटा से कीर्ति सिंह परमार, मथुरा से नरेश मल्होत्रा, बरेली से कुलदीप वर्मा, अलीगढ़ से अमिता अग्रवाल भी सम्मान प्राप्त करने वाले कला गुरुओं में प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
- संस्कार भारती का भव्य सम्मान समारोह: कला साधना के 101 गुरुओं को मिली वैश्विक पहचान, केंद्रीय मंत्री ने सराहा योगदान - July 26, 2026
- आगरा जनकपुरी महोत्सव 2026: एडीएम प्रशासन आजाद भगत सिंह ने की प्रभु श्रीराम की संध्या आरती, सुख-समृद्धि की कामना की - July 26, 2026
- आगरा में पहली बार सजेगा ‘कैलाश’: सावन की दिव्य संध्या में शिवमय होगा सूरसदन, गजेंद्र प्रताप सिंह बिखेरेंगे भक्ति की आभा - July 26, 2026