नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच 500 अरब डॉलर के लक्ष्य वाले व्यापार सहयोग को लेकर एक अंतरिम ढांचे पर सहमति बनी है। सरकार का कहना है कि यह कदम दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा देगा और भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में अवसर बढ़ाएगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को समझौते पर सरकार का पक्ष रखते हुए इसे विकसित भारत की दिशा में अहम बताया।
गोयल के मुताबिक, अमेरिका जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था में भारतीय निर्यातकों के लिए ज्यादा अनुकूल ड्यूटी व्यवस्था के साथ बाजार खुलना बड़ा मौका है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच जारी संयुक्त बयान को वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और यह दिन भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जाएगा।
मंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक वार्ता फरवरी 2025 में शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बड़े स्तर तक ले जाना है। उनका कहना है कि इस समझौते से खास तौर पर MSME सेक्टर, किसानों, मछुआरों और निर्यात उद्योग को लाभ मिलने की उम्मीद है।
कई उत्पादों को शुल्क-मुक्त पहुंच
सरकार के अनुसार, नए ढांचे के तहत रत्न और आभूषण, फार्मा उत्पाद, कॉफी, आम समेत कई वस्तुओं को अमेरिकी बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। कृषि उत्पादों में चाय, मसाले, नारियल तेल, सुपारी, कुछ मेवे, फल-सब्जियां, बेकरी और कोको उत्पाद, तिल बीज और खट्टे फलों के रस जैसी वस्तुएं भी बिना शुल्क निर्यात हो सकेंगी।
गोयल ने कहा कि कुछ उत्पाद जिन पर पहले 50% तक टैरिफ लगता था, अब शून्य शुल्क पर निर्यात संभव होगा। उनके अनुसार, इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी।
उद्योग क्षेत्रों को भी फायदा
मंत्री ने बताया कि विमान और मशीनरी के पुर्जे, जेनेरिक दवाएं, फार्मास्यूटिकल्स, रत्न-हीरे, प्लैटिनम, घड़ियां, आवश्यक तेल, सजावटी सामान, बीज और कुछ रसायन भी कम या शून्य शुल्क के दायरे में आएंगे।
किसानों के हित सुरक्षित रखने का दावा
पीयूष गोयल ने कहा कि समझौते में किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। सरकार ने साफ किया है कि आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) उत्पादों को अनुमति नहीं दी जाएगी। मक्का, चावल, गेहूं, बाजरा और रागी जैसे मुख्य अनाजों पर कोई रियायत नहीं दी गई है।
इसके अलावा मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, चीनी, इथेनॉल, तंबाकू और काबुली चना जैसे उत्पाद भी इस समझौते से बाहर रखे गए हैं। गोयल का कहना है कि यह समझौता किसानों, MSME और पारंपरिक उद्योगों के हितों को नुकसान पहुंचाए बिना निर्यात के नए रास्ते खोलने पर केंद्रित है।
- Agra News: होटल ताज हाइट्स के टॉप फ्लोर पर लगी भीषण आग, धुआं देख मची भगदड़, दमकल की गाड़ियों ने पाया काबू - February 7, 2026
- कोटा में भीषण हादसा: ओपेरा हॉस्पिटल रोड पर भरभराकर गिरी रेस्टोरेंट की बिल्डिंग, मलबे में दबे कई लोग, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी - February 7, 2026
- विकसित भारत के लिए स्वर्णिम दिन: 500 अरब डॉलर की अमेरिका डील पर बोले पीयूष गोयल- ‘अब पूरी दुनिया में मचेगी भारतीय सामान की धूम’ - February 7, 2026