अदरक एक गुणों से भरपूर मसाला है। सर्दी-खांसी, पाचन और सामान्य दर्द से लेकर कैंसर, ह्रदय रोग और मधुमेह जैसी बीमारियों में इसे फायदेमंद पाया गया है। अदरक भारत में 5000 से अधिक वर्षों से उपयोग में है। न केवल यह खाना पकाने के लिए एक उत्कृष्ट मसाला है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी इसके कई फायदे हैं।
100 से ज्यादा बीमारियों में इस चमत्कारी मसाले अदरक के औषधीय लाभ
दुनिया के सबसे ज्यादा उपजाए जाने वाले मसाले के रूप में अदरक दुनिया का सबसे बहुपयोगी औषधीय गुण वाला पदार्थ है। 100 से ज्यादा बीमारियों में इस चमत्कारी मसाले के औषधीय लाभों पर अनगिनत अध्ययन किए गए हैं। आधे से अधिक पारंपरिक हर्बल औषधियों में इसे शामिल किया जाता है।
भारत के आयुर्वेदिक ग्रंथों में अदरक को सबसे महत्वपूर्ण बूटियों में से एक माना गया है। यहां तक कि उसे अपने आप में औषधियों का पूरा खजाना बताया गया है। आयुर्वेदिक चिकित्सक इसको एक शक्तिशाली पाचक के रूप में लेने की सलाह देते हैं क्योंकि यह पाचक अग्नि को भड़काता है और भूख बढ़ाती है। इसके पोषक तत्व शरीर के सभी हिस्सों तक आसानी से पहुंच पाते हैं। आयुर्वेद में अदरक को जोड़ों के दर्द, मतली और गति के कारण होने वाली परेशानी के उपचार में भी इस्तेमाल किया जाता है।
ये सर्दी-जुकाम से पीड़ित लोगों के लिए तो ये एक रामबाण इलाज ही है। खांसी-जुकाम और सांस से जुड़ी परेशानियों वाले लोगों को इसे रोज शहद के साथ खाना चाहिए। इसी तरह के शुंठी चूर्ण को मधु और गुड़ के साथ लेने से भी फायदा मिलता है। गले में खराश या ठंड में तेज सिर दर्द होने पर आप इसका काढ़ा बना कर भी पी सकते हैं। वहीं आप अदरक के पेस्ट से भी कई तरह के छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज कर सकते हैं।
अदरक के औषधीय गुणों की बात करें, तो इसमें एंटीबायोटिक गुण भी होते हैं, जिसके कारण ये सूजन और अन्य बीमारियों से भी राहत देता है। अदरक में आयरन, कैल्शियम, आयोडीन, क्लोरीन व विटामिन सहित कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसके अलावा, अदरक पेट से छोटी आंत तक भोजन को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को गति देता है और गति बीमारी से पीड़ित लोगों की मदद करता है। आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में कई पथ होते हैं, जिन्हें सोटास के रूप में जाना जाता है।
अदरक कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में सक्षम
आधुनिक शोधों में अदरक को विभिन्न प्रकार के कैंसर में एक लाभदायक औषधि के रूप में देखा जा रहा है और इसके कुछ आशाजनक नतीजे सामने आए हैं। मिशिगन यूनिवर्सिटी कांप्रिहेंसिव कैंसर सेंटर के एक अध्ययन में पाया गया कि अदरक ने न सिर्फ ओवरी कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट किया, बल्कि उन्हें कीमोथैरेपी से प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने से भी रोका जो कि ओवरी के कैंसर में एक आम समस्या होती है।
इस अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने ओवरी कैंसर कोशिकाओं पर अदरक पाउडर और पानी का एक लेप लगाया। हर परीक्षण में पाया गया कि अदरक के मिश्रण के संपर्क में आने पर कैंसर की कोशिकाएं नष्ट हो गईं। हर कोशिका ने या तो आत्महत्या कर ली, जिसे एपोप्टोसिस कहा जाता है या उन्होंने एक-दूसरे पर हमला कर दिया, जिसे ऑटोफेगी कहा जाता है।
अदरक को स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और कोलोन कैंसर के इलाज में भी बहुत लाभदायक पाया गया है।
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