Agra, Uttar Pradesh, India. एक बीमारी का नाम है गैंग्लियन सिस्ट (Ganglion cyst)। इसे हिन्दी में नाड़ीग्रंथि पुटी कहते हैं। यह बीमारी आमतौर पर महिलाओं में होती है। डॉक्टर आज तक यह नहीं जान पाए हैं कि यह बीमारी क्यों होती है और इसका इलाज क्या है? ऐलोपैथी में इसका उपचार दर्द निवारक दवा और अंततः ऑपरेशन है। ऑपरेशन के नाम पर सिस्ट का पानी निकाल दिया जाता है। इसके विपरीत होम्योपैथी की चार खुराक में ही सिस्ट गायब होने की खबर है।
बीमारी ठीक होने पर पूरा घर सकते में
असल में 22 फरवरी, 2022 को नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज द्वारा के केन्द्र नेहरू नगर, आगरा गया था। मुझे डॉ. प्रदीप गुप्ता को दिखाना था। विवाह समारोह में दही-बूरा खाने से गले में समस्या आ गई थी। कुछ देर बाद ही विजय नगर क़ॉलोनी निवासी मोतीलाल गुप्ता अपनी बेटी साक्षी गुप्ता (इंजीनियर) को लेकर आए। उनके हाथ की कलाई पर गैंग्लियन सिस्ट थी, जो डॉ. प्रदीप गुप्ता द्वारा दी गई दवा की चार खुराक खाने से गायब हो गई थी। वह 21 फरवरी को आई थी। 22 फरवरी को आई तो साक्षी के चेहरे पर चमक थी। कह रही थी कि मैं ही नहीं पूरा घर सकते में आ गया कि यह कैसे गायब हो गई। इसका इलाज लम्बे समय से करा रही थी और कोई लाभ नहीं मिल रहा था। मोतीलाल गुप्ता ने कहा कि हम शॉक्ड हैं।
कौन सी दवा दी
डॉ. प्रदीप गुप्ता ने बताया कि गैंग्लियन सिस्ट ठीक तो हो जाते हैं लेकिन इतनी शीघ्रता से पहली बार ठीक हुआ है। उन्होंने बताया कि इसकी कोई छिपी हुई दवा नहीं है। मर्कसोल दवा ने शानदार काम किया है। होम्योपैथी में संपूर्ण शरीर को ध्यान में रखकर दवा का चयन किया जाता है। यही कारण है कि एक ही दवा सभी प्रकार की बीमारियों पर काम करती है।
क्या है गैंग्लियन सिस्ट
गैंग्लियन सिस्ट जोड़ के भीतर नरम, गोल गांठ के रूप में दिखाई देता है। ये सिस्ट श्लेष्म द्रव से भरे छोटे स्थानों से बने होते हैं और घने रेशेदार ऊतक से घिरे होते हैं। महिलाओं के लिए यह कष्टकारी है क्योंकि उनके सौंदर्य को प्रभावित करती है। यह सिस्ट हाथों में छोटे जोड़ों के साथ-साथ टखने और पैर में भी विकसित हो सकते हैं। गैंग्लियन सिस्ट आमतौर पर 20 से 50 साल की उम्र की महिलाओं में पाए जाते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में गैंग्लियन सिस्ट अधिक बार क्यों विकसित होते हैं, यह पूरी तरह से समझ में नहीं आता है। माना जाता है कि एस्ट्रोजन हारमोन की भूमिका हो सकती है। जोड़ में बार-बार तनाव की चोट और गठिया से गैंग्लियन सिस्ट विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है। जिम्नास्ट की कलाई में गैंग्लियन सिस्ट अक्सर देखे जाते हैं। सिस्ट में से पानी निकालकर उपचार किया जाता है लेकिन यह फिर से उभर आता है। इसी कारण ऐलोपैथी में कोई स्थाई उपचार नहीं है।
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