आगरा में आस्था का सैलाब: 12 साल बाद मोती कटरा से निकली भगवान महावीर की भव्य रथयात्रा; 12 बैंड और देश भर के कलाकारों ने बिखेरी छटा

PRESS RELEASE

आगरा: ताजनगरी में भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर भक्ति, भव्यता और अटूट श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। मंगलवार को श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, मोती कटरा से निकली विशाल रथयात्रा ने पूरे शहर को ‘वर्धमान’ के रंग में रंग दिया। 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद मोती कटरा क्षेत्र से निकली इस ऐतिहासिक शोभायात्रा का स्वागत करने के लिए सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा।

सांसद नवीन जैन ने दिखाई हरी झंडी, पीएनसी परिवार को मिला प्रथम आरती का सौभाग्य

आचार्य श्री चैत्य सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में सुबह 8:30 बजे राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने रथयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पुनीत अवसर पर प्रथम आरती करने का सौभाग्य प्रदीप जैन (PNC परिवार) को प्राप्त हुआ। जैसे ही स्वर्णमयी रथ पर विराजमान प्रभु की प्रतिमा नगर भ्रमण पर निकली, “त्रिशला नंदन वीर की, जय बोलो महावीर की” के उद्घोष से आसमान गूंज उठा।

महाराष्ट्र का ताशा और असम का संगीत: सांस्कृतिक संगम का अद्भुत नजारा

रथयात्रा की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 12 बैंड, 12 बग्घियां और दर्जनों ताशा दल शामिल थे। एटा का मशहूर मयूर नृत्य, महाराष्ट्र की ऊर्जावान डीजे पार्टी और असम के कलाकारों की सुरीली प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। चांदी के रथ, हाथी-घोड़ों वाले सजे-धजे रथ और सपेरा बीन बैंड इस यात्रा के मुख्य आकर्षण रहे।

सजीव झांकियों से जीवंत हुए भगवान के उपदेश

यात्रा में शामिल सजीव झांकियों ने जैन धर्म के सिद्धांतों और भगवान महावीर के जीवन प्रसंगों को जीवंत कर दिया। इनमें
​माता त्रिशला के 16 स्वप्न और राजा सिद्धार्थ का दरबार।वर्धमान से महावीर बनने की तपस्या और चंदनबाला का आहार। आचार्य विद्यासागर जी महाराज और बाहुबली भगवान की महिमा। अहिंसा का संदेश और पावापुरी की दिव्य छटा।जैसी दिव्य झांकियां शामिल थीं

​मोती कटरा से हरीपर्वत तक पुष्पवर्षा और तोरण द्वार

​यात्रा मोती कटरा से प्रारंभ होकर पटेल नगर, हींग की मंडी, फव्वारा, सुभाष बाजार और बेलनगंज होते हुए एम.डी. जैन इंटर कॉलेज, हरीपर्वत पहुँची। पूरे मार्ग को तोरण द्वारों और भगवा ध्वजों से सजाया गया था। जगह-जगह स्वागत मंचों से श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई और भीषण गर्मी को देखते हुए सेवाभावी संस्थाओं द्वारा शीतल जल व जलपान की उत्तम व्यवस्था की गई।

​पांडुकशिला अभिषेक और पालना उत्सव

एम.डी. जैन इंटर कॉलेज परिसर में निर्यापक मुनि विलोक सागर महाराज और आर्यिका सत्यमति माताजी के सानिध्य में भगवान का पांडुकशिला अभिषेक विधिवत संपन्न हुआ। रात्रि में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में महिलाओं ने भगवान के बाल स्वरूप को पालने में झुलाया। भजनों और नृत्यों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक प्रभु भक्ति के आनंद में सराबोर रखा।

Dr. Bhanu Pratap Singh