इंस्टाग्राम पर ऐसे बहुत से यूज़र हैं जिनसे लाखों लोग प्रभावित हैं. ये लोग रोज़ नए हेल्थ टिप्स देते हैं और लोगों को कसरत करना सिखाते हैं.
उनकी तरह बनने और दिखने के लिए बहुत सारे लोग पसीना बहाते हैं और सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर करते हैं.
हैशटैग #fitspiration अंग्रेजी के दो शब्दों ‘fitness’ और ‘inspiration’ से मिलकर बना है.
इंस्टाग्राम की प्रभावशाली हस्तियाँ और उनके लाखों फ़ॉलोअर्स इस हैशटैग को एक करोड़ 80 लाख बार इस्तेमाल कर चुके हैं.
फ़िट रहने के लिए शारीरिक कसरत और संतुलित भोजन दोनों की अहमियत होती है, लेकिन फ़िटनेस की सनक में जो लोग ख़ुद को भूखा रखते हैं वे भारी परेशानी में पड़ सकते हैं.
सुडौल मांसपेशियों और एब्स के लिए कम कैलोरी वाला खाना और ज़्यादा वर्जिश करने की सनक एक बीमारी है.
इस बीमारी को ऑर्थोरेक्सिया नर्वोसा कहा जाता है. इंस्टाग्राम पर #fitspiration के जुनूनी लोगों में इसके लक्षण प्रमुखता से दिखते हैं.
जुनून की बीमारी
ऑर्थोरेक्सिया नर्वोसा का इलाज न किया जाए तो यह कुपोषण और मानसिक सेहत की जटिलताएं पैदा कर सकती है.
इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति जुनूनी व्यवहार का शिकार हो जाता है और उसके जीवन की गुणवत्ता कम होने लगती है.
एक बार इस बीमारी की गिरफ्त में आ जाने के बाद इससे उबरने में लंबा वक़्त लगता है और पूरी तरह ठीक होने तक बार-बार सेहत बिगड़ने का ख़तरा बना रहता है.
2017 में यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों के शोध में पाया गया कि जो लोग इंस्टाग्राम पर ज़्यादा एक्टिव रहते हैं, उनमें ऑर्थोरेक्सिया होने के ख़तरे ज़्यादा होते हैं.
सोशल मीडिया के दूसरे किसी प्लेटफॉर्म के साथ इसके जुड़े होने के सबूत नहीं मिले.
इंस्टाग्राम से जुड़ी बीमारी
कम कैलोरी वाले खाने को अक्सर ‘हेल्दी’ या ‘सेहतमंद’ भोजन बताया जाता है लेकिन ऐसे भोजन का जुनून बढ़ाने वाले इंफ्लूएंसर के फॉलोअर्स में ख़ास तौर पर यह बीमारी देखी गई है.
कनाडा की फ़िटनेस इंफ्लूएंसर जेन ब्रेट ऑर्थोरेक्सिया की शिकार हो चुकी हैं. अब वह इस बीमारी से उबर रही हैं.
जेन ब्रेट को चार लाख 50 हजार लोग फॉलो करते हैं. वह ट्विटर पर लिखती हैं, “फ़िटनेस का मतलब यह कतई नहीं होता कि आप हर रोज वर्जिश करें और सिर्फ़ सलाद खाकर रहें.”
ऑर्थोरेक्सिया नर्वोसा के अलावा एनोरेक्सिया नर्वोसा भी एक बीमारी है जिसमें लोग भूख लगने पर भी खाना नहीं खाते, क्योंकि उन्हें वजन बढ़ने की चिंता सताती रहती है.
इंस्टाग्राम कई वजहों से ऑर्थोरेक्सिया और एनोरेक्सिया दोनों को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है.
फ़िट दिखने की सनक
इंस्टाग्राम एक विजुअल प्लेटफॉर्म है जहां सब कुछ तस्वीरों में दिखता है, जिनकी तुलना करना आसान है.
तस्वीरों के आधार पर पिछले एक हफ्ते या एक महीने में कितनी प्रगति हुई, इसे चुटकियों में देखा जा सकता है.
जेन ब्रेट कहती हैं, “कोई नहीं जानता कि पर्दे के पीछे क्या चल रहा है. सामने स्क्रीन पर केवल शरीर की चुनिंदा सुडौल तस्वीरें दिखती हैं.”
इंफ्लूएंसर जैसा कहते हैं उनके फॉलोअर्स उनकी बातों पर यकीन करके उनके जैसा बनने और दिखने की कोशिश करने लगते हैं.
लेकिन वास्तव में वे शायद ही कोई स्वस्थ आदत अपनाते हैं. इसका उल्टा असर होता है.
सार्वजनिक चर्चा में मोटापे को गंभीर स्वास्थ्य समस्या माना जाता है, लेकिन ऑर्थोरेक्सिया और फ़िटनेस की लत को उतनी चर्चा नहीं मिल पाती.
इसके पीछे वजह यह होती है कि इससे पीड़ित व्यक्ति बाहर से स्वस्थ और सुडौल दिखता है, हालांकि इसके लिए उन पर इंस्टाग्राम का लगातार दबाव रहता है.
मुमकिन है कि फ़िटनेस की सनक आपको हानिकारक न लगे. हो सकता है कि यह स्वस्थ आदत लगे लेकिन असल में ऐसा नहीं है.
-BBC
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