सूर्यग्रहण में देवताओं की विजय के लिए खोला गया मंदिरः राकेश तिवारी
Mathura (Uttar Pradesh, India)। सूर्यग्रहण के चलते धर्मनगरी में सभी प्रमुख मंदिरों के साथ साथ अन्य मंदिर के कपाट बंद रहे। सूर्य ग्रहण में एक मंदिर ऐसा है जोकि सूर्य ग्रहण होने के बाद भी नियमित रूप से खोला गया। भक्तों ने अपने आराध्य के दर्शन कराए गए।
भगवान की भक्ति में भक्त डूबे
करीब 900 वर्ष पूर्व पड़े सबसे बड़े सूर्य ग्रहण का आज संयोग बना। सूर्य ग्रहण के चलते सभी लोग घरों में रहकर अपने आराध्य की भक्ति में सराबोर हे। मथुरा और वृंदावन के मंदिरों को भी ग्रहण के चलते बंद कर दिया है। जिले में एकमात्र ऐसा मंदिर है जो सूर्य ग्रहण के चलते भक्तों के लिए नियमित खोला गया। पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के भगवान द्वारकाधीश मंदिर को सूर्य ग्रहण के दिन भी खोला गया और भगवान के दर्शन के लिए भक्त मंदिर में पहुंचे। मंदिर में भक्तों को दर्शन करने से पूर्व थर्मल स्कैनिंग के बाद हाथ सैनिटाइजर से धुलाई गए और मंदिर में प्रवेश दिया गया। भगवान की भक्ति में भक्त डूबे नजर आए।
देवताओं की विजय के लिए खोला गया
भगवान द्वारकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी से जब मंदिर खुलने की वजह जानी तो उन्होंने बताया कि आज सूर्य ग्रहण के दिन मंदिर खुलने का यह उद्देश्य है कि जब देवताओं और राक्षसों के बीच जो युद्ध होता है उसे ग्रहण कहते हैं। ग्रहण में यह माना जाता है कि देवताओं का युद्ध राक्षसों से हो रहा है उन्होंने कहा कि पुष्टिमार्गीय संप्रदाय एक ऐसा संप्रदाय है जो भक्ति का संप्रदाय है, जहां भावना के अनुरूप ठाकुर जी से लाड लड़ाया जाता है। राकेश तिवारी ने यह भी बताया कि हम भक्तों को मंदिर में बुलाकर भगवान के सानिध्य में भक्ति करने के लिए प्रेरित करते हैं और हर प्रकार से ठाकुर जी को सपोर्ट करें जिससे देवताओं की विजय हो।
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