लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पतालों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़ा कदम उठाया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लंबे समय से ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित चल रहे 17 चिकित्साधिकारियों को सोमवार को सेवा से बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं।
इसके अलावा मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार के मामलों में चार चिकित्साधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। स्थानांतरण के बावजूद नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण न करने पर डॉ. गजेंद्र सिंह के खिलाफ भी विभागीय जांच बैठा दी गई है।
लापरवाही पर स्पष्टीकरण और चेतावनी
बीकेटी ट्रामा सेंटर के चार चिकित्साधिकारियों से कार्य में लापरवाही के आरोप में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। वहीं, तीन अन्य चिकित्साधिकारियों को लापरवाही बरतने पर चेतावनी जारी की गई है।
वेतन वृद्धि रोकी, पेंशन में कटौती
उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और कार्य में लापरवाही के मामलों में पांच चिकित्साधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकते हुए परनिंदा दंड दिया गया है। वहीं, क्रय नीति के विपरीत दवाएं खरीदने के दोषी पाए गए दो चिकित्साधिकारियों की पेंशन में 10 प्रतिशत कटौती के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सरकार के इस कदम को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में अनुशासन और गुणवत्ता सुधार की दिशा में सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
- आगरा के रमा चैरिटेबल ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित: RGAV सामाजिक सेवा संस्था की पहल पर लोगों ने किया बढ़-चढ़कर रक्तदान - October 5, 2026
- फ़िल्म हनुमान अंश के सॉन्ग ‘पार्वती’ ने यूट्यूब पर रचा इतिहास, 100 मिलियन व्यूज के साथ भारत और वैश्विक चार्ट्स पर छाया - October 5, 2026
- आगरा में भव्य रूप से मनाई गई अशोक सिंघल की जन्मशती: दिनेश चंद और साध्वी ऋतंभरा ने किया स्मरण, हिंदू समाज को एकजुट रहने का संदेश - October 4, 2026