‘कपूर एंड संस’ फेम शकुन बत्रा की नई फिल्म ‘गहराइयां’ इन दिनों चर्चा में है। दीपिका पादुकोण, अनन्या पांडे, सिद्धांत चतुर्वेदी और धैर्य करवा इस फिल्म के लीड स्टार हैं। ‘गहराइयां’ के ट्रेलर के आने के बाद से दीपिका-सिद्धांत के बोल्ड और इंटिमेट सीन सबसे ज्यादा चर्चा में आए। इस पर दीपिका पादुकोण ने कहा कि ‘गहराइयां’ फिल्म कामुकता से नहीं जुड़ी है। एक इंटरव्यू में फिल्म की कास्ट ने अपनी बातें रखीं और फिल्म से जुड़ी नई डिटेल्स को साझा किया।
इंटीमेट सीन दर्शकों को नहीं करेंगे उत्तेजित: दीपिका
फ़िल्म में रोमांस को फ़िल्माने के लिए इंटीमेट सीन पर दीपिका पादुकोण कहती हैं कि मैं सौ प्रतिशत यह कह सकती हूं कि ‘गहराइयां’ जैसी फ़िल्म का निर्देशन अगर शकुन नहीं कर रहे होते, तो मैं फ़िल्म भले ही करती लेकिन इसे उस तरह नहीं कर पाती जैसा कि यह मेरे पास आई थी। अगर निर्देशक किसी चीज पर ज़ोर देते हुए कहते हैं कि इसे इस तरह से ही करना है तो मैं पूरे शिद्दत से उसे पूरा करने की कोशिश करती हूं। इस फिल्म में हम जो कुछ भी कर पाए हैं, ये डायरेक्टर के कंफर्ट और विश्वास पर आधारित है जो मैंने उन पर किया है। अगर फ़िल्म में इंटीमेंट सीन हैं तो आपको यह जानना चाहिए कि ये उत्तेजित या फिर उकसाने के लिए नहीं है। ये सीन फ़िल्म की आवश्यकता और पात्र क्या अनुभव कर रहे हैं, यह बताने के लिए डाले गए हैं। अगर यह फिल्म किसी और के हाथ में होती तो शायद मैं ऐसा नहीं करती। यह भी संभव था कि मैं कुछ चीजों से पीछे हट जाती।
‘गहराइयां’ का आइडिया व थीम क्या है?
फिल्म के निर्देशक शकुन बत्रा से पूछा गया कि आखिर ये फिल्म प्यार, निष्ठा और जुनून किससे से जुड़ी है, इसकी थीम क्या है?
इस पर निर्देशक बताते हैं कि ”हम कोशिश कर रहे हैं कि किसी एक खास चीज के बारे में बात न करें और फिल्म को दर्शकों के सयंम पर छोड़ दें कि वह क्या सीखना और सामने लाना चाहते हैं। दर्शक खुद अपने हिसाब से इस विषय को महसूस कर सकें। हां, इसके पीछे हमारी थीम और च्वाइस हैं। आइडिया यही है कि फिल्म के अंत में, दर्शकों के लिए एक सवाल होगा और वे इसका जवाब अपनी मर्जी से चुन सकते हैं।”
‘गहराइयां’ पर अनन्या पांडे
‘गहराइयां’ फिल्म पर बात करते हुए अनन्या पांडे ने कहा कि ”मेरी सबसे बड़ी सीख यही है कि जजमेंटल न बनें। इस फिल्म का हिस्सा बनने से पहले तक मैं सोचती थी कि एक रिलेशनशिप ऐसा और वैसा होना चाहिए जिसे अब तक हमने अपने आसपास से महसूस किया है। लेकिन फिल्म के करने के बाद मैं ज्यादा ओपन हुई हूं। मुझे लगता है कि दो लोगों के बीच एक रिश्ता उनके लिए यह परिभाषित करने के लिए होता है कि वे उस रिश्ते से क्या चाहते हैं। दूसरा हिस्सा ये है कि हमें जजमेंटल नहीं होना चाहिए।”
‘गहराइयां’ को लेकर सिद्धांत चतुर्वेदी बोले, ये चीज हर फिल्म में होनी चाहिए
सिद्धांत चुतर्वेदी ने गहराइयां फिल्म को लेकर कहा कि ”सबसे बड़ी उपलब्धि है प्रक्रिया। जब मैंने फिल्म साइन की तो मैं इसकी कहानी में खो गया था। हम सभी ने कुछ ऐसा किया जो एकदम नया था और यही प्रक्रिया बहुत अद्भुत रही है। मैं अपनी आने वाली फिल्मों में भी यही चीज फॉलो करूंगा कि एक्टर्स के साथ तालमेल बैठाने के लिए सिर्फ पढ़ना ही जरूरी नहीं होता बल्कि उनके साथ समय बिताना, तैयारी करना, रिहर्सल और वर्कशॉप करना बहुत जरूरी होता है। मैं थिएटर बैकग्राउंड से आता हूं। मुझे ये सब चीजें मेरे बैकग्राउंड में ले गईं, जब हम वर्कशॉप किया करते थे। साथ ही हमने ट्रस्ट बिल्डिंग एक्सरसाइज, बॉडी लैंग्वेज, इंटिमेसी के बारे में सीखना, साथ में समय बिताने से लेकर बहुत सारी जरूरी बाते भी कीं। मेरा मानना है कि ये सब चीजें हर फिल्म में होनी चाहिए।”
‘गहराइयां’ से दीपिका ने क्या सीखा
‘गहराइयां’ के ऊपर दीपिका पादुकोण ने कहा कि ‘मेरे लिए सबसे बड़ी बात ये थी कि हम जिन लोगों से मिले और जो अनुभव हम सबने साझा किए, वही सबसे बड़ा निष्कर्ष है। हमारी दोस्ती और अनुभव हमे एक ही टेबल पर लेकर आता है।’ वह बताती हैं कि वह इस फिल्म के सिलसिले में कई नए लोगों से मिलीं और नए तरह के अनुभव हासिल किए। जो दोस्ती, एनर्जी और ट्रस्ट हम सभी के बीच था वही फिल्म में भी झलका है।
-एजेंसियां
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