मथुरा के राधाकुंड नगर पंचायत द्वारा संचालित गौशाला का बुरा हाल
सपा नेता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट किए वीडियो
Mathura, Uttar Pradesh, India. धर्म नगरी गोवर्धन स्थित राधाकुंड नगर पंचायत की सरकारी गौशाला से गौवंश की दुर्दशा है। यहां भूख-प्यास से तड़प-तड़फ कर गौवंश के दम तोड़ देने तथा मृत गौवंश के शरीर को जानवरों के द्वारा नोंच-नोंच कर क्षत-विक्षत कर देने का मामला प्रकाश में आया है। सरकारी गौशाला में गौवंश की दुर्दशा की तस्वीरों को देखकर सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल खडे़ हो रहे हैं। गौवंश के नाम पर प्रदेश सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है, बावजूद इसके सरकारी गौशालाओं में गौवंश प्रशासनिक अधिकारियों की मूकदर्शिता का शिकार है।
गोवर्धन स्थित कस्बा राधाकुण्ड नगर पंचायत द्वारा संचालित शिव शक्ति गौशाला में भूख प्यास के कारण जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं। प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक हैं और इसका परिणाम यह है कि भूख प्यास से तड़पते गौंवंश के शरीर को जानवरों ने बुरी तरह नोंच कर क्षत-विक्षत कर दिया। इसके चलते अलग-अलग दो गायों की दर्दनाक मौत हो गई। गायों के शरीर में कीड़े पड़ गए हैं। कई गायें तो अस्थिपंजर मात्र रह गई हैं। इलाज का कोई इंतजाम नहीं है।
सरकारी गौशाला में मृत गौवंश के क्षत-विक्षत शरीर के वीडियो राधाकुण्ड के स्थानीय सपा कार्यकर्ता कृष्ण मुरारी ने घटनाक्रम की जानकारी जिलाधिकारी मथुरा के सीयूजी फोन पर दी। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के ट्विटर पर मृत गौवंश के वीडियो पोस्ट किये। कृष्ण मुरारी ने बताया कि एसडीएम राहुल यादव को कई बार सरकारी गौशाला में गौवंश की दुर्दशा के बारे में बताया गया है लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। आये दिन गाय भूख-प्यास से तडफ-तड़फ कर मर रही हैं।
कृष्ण मुरारी का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी गाय और धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है। इसके साथ ही गौशाला, गायों का चारा आदि के नाम पर घोटाले हो रहे हैं। राधाकुंड नगर पंचायत ने सुंदर श्मशान को गौशाला में परिवर्तित कर दिया था। हालत यह है कि जिन्दा गायों को कुत्ते खा रहे हैं। गायें भूखी मर रही हैं। गायों के लिए चारा कहां है? मेरी मांग है कि गायों के नाम पर घोटाला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गायों की सुरक्षा की जाए।
गौशाला के कर्मचारी दीवान सिंह ने बताया कि गाय बीमार थी, रात को जानवर गाय के शरीर को नोंच ले गये। गाय को गड़वा (भूमि में दफन करना) दिया है। दीवान सिंह ने कहा कि गौशाला में रात्रि में कोई कर्मचारी नहीं रहता है। इस बारे में अधिशासी अधिकारी (ईओ) को बता दिया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।
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