केरल की एक अदालत ने अलप्पुझा में दो साल पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता की हत्या के मामले में शनिवार को अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के नेता के मर्डर केस में प्रतिबंधित इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 15 लोगों को दोषी करार दिया।
आरोप था कि 19 दिसंबर 2021 में भाजपा के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश सचिव रंजीत श्रीनिवासन पर पीएफआई और ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’ (एसडीपीआई) से जुड़े कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया था। इस दौरान उनके घर में उन्हें परिवार के सामने ही बुरी तरह पीटा गया और उनकी हत्या कर दी गई थी।
इस घटना से कुछ पहले ही 18 दिसंबर की रात को एक गिरोह ने एसडीपीआई नेता केएस. शान की हत्या कर दी थी। घटना के समय वह अलप्पुझा में अपने घर लौट रहे थे। माना जा रहा था कि कट्टरपंथी भीड़ इससे गुस्सा गई और बदले में रंजीत की हत्या कर दी।
मामले में मावेलिक्कारा की अतिरिक्त जिला सत्र अदालत ने फैसला दिया। अब आरोपियों को क्या सजा दी जाएगी इस पर सोमवार को फैसला सुनाया जाएगा।
-एजेंसी
- Agra News: उम्मीद की किरण बना ‘श्री गिरिराज जी सेवक मंडल’, विशेष बच्चों के लिए आयोजित शिविर में 300 से अधिक का हुआ उपचार - July 12, 2026
- एमएलसी विजय शिवहरे का जन्मदिवस बना ‘जनकल्याण पर्व’: 11 करोड़ की विकास योजनाओं का हुआ लोकार्पण - July 12, 2026
- आगरा में साइबर पुलिस का ‘जीरो टॉलरेंस’ एक्शन: चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले में बाह निवासी युवक पर FIR - July 12, 2026