आगरा: ताजनगरी में एक सरकारी अधिकारी की प्रशासनिक और सामाजिक छवि को सोशल मीडिया के जरिए धूमिल करने का गंभीर मामला सामने आया है। आगरा के एक पूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) की शिकायत पर साइबर थाने में राहुल कश्यप नामक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी पर फर्जी वीडियो और आपत्तिजनक पोस्ट के जरिए अधिकारी को बदनाम करने का आरोप है।
फेसबुक और व्हाट्सएप का गलत इस्तेमाल
पीड़ित पूर्ति निरीक्षक ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी राहुल कश्यप पिछले कुछ समय से उनके नाम और पद का दुरुपयोग कर रहा था। आरोपी ने फेसबुक और व्हाट्सएप पर फर्जी वीडियो तैयार कर वायरल किए और लगातार आपत्तिजनक स्टेटस लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने की कोशिश की। शिकायतकर्ता के अनुसार, ये सभी पोस्ट पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाने वाली थीं।
पीछा करने और मानसिक प्रताड़ना का भी आरोप
मामले में केवल सोशल मीडिया पोस्ट ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत उत्पीड़न का भी जिक्र है। पीड़ित अधिकारी का आरोप है कि राहुल कश्यप न केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय था, बल्कि वह लगातार उनका पीछा कर रहा था और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की गई। सरकारी पद पर रहते हुए इस तरह की साजिश को उनकी विश्वसनीयता खत्म करने का प्रयास माना जा रहा है।
साइबर सेल ने शुरू की डिजिटल जांच
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आगरा के साइबर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उन सोशल मीडिया अकाउंट्स और वायरल वीडियो के ‘सोर्स’ की तकनीकी जांच कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि भ्रामक सामग्री कहाँ से जनरेट हुई और इसे किन-किन ग्रुप्स में साझा किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी अधिकारी की छवि खराब करने के उद्देश्य से फर्जी कंटेंट फैलाना एक गंभीर अपराध है और जांच के बाद आरोपी के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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