लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर प्रहार करते हुए 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश और आज के बदलते प्रदेश की तुलना की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब प्रदेश में अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है और जो भी सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करेगा, उसे कानून ऐसा सबक सिखाएगा जिसे उसकी पीढ़ियां याद रखेंगी।
“2017 से पहले पर्वों पर लगता था कर्फ्यू”
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले यूपी के हालात ऐसे थे कि कोई भी त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से नहीं मनाया जा सकता था। हर दूसरे-तीसरे दिन शहरों में कर्फ्यू लग जाता था और गरीबों की जमीनों पर कब्जे होते थे। उन्होंने दावा किया कि सरकार बदलते ही सारी अराजकता गायब हो गई और आज बड़े-बड़े पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाए जा रहे हैं।
बाबरी और ‘कयामत’ के सपने पर वार
मुख्यमंत्री ने राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि 500 साल के इंतजार के बाद गौरवपूर्ण क्षण आया है। उन्होंने विरोधियों को निशाने पर लेते हुए कहा, “जो कयामत के दिन आने का सपना देख रहे हैं, वह दिन कभी नहीं आएगा। बाबरी मस्जिद अब कभी नहीं बनने वाली है। हम अपनी विरासत को मजबूती से संवारेंगे।”
”जन्नत नहीं, सीधा जहन्नुम जाओगे”
कानून तोड़ने वालों को चेतावनी देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हिंदुस्तान में कायदे से रहना सीखो। कानून मानोगे तो फायदे में रहोगे। अगर कोई कानून तोड़कर जन्नत जाने का सपना देख रहा है, तो जान ले कि वह सपना कभी पूरा नहीं होगा। कानून तोड़ने वालों का रास्ता सीधा दूसरी तरफ (जहन्नुम) जाता है।”
गरीबों को मिला आवास का अधिकार
विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि 1947 के बाद से कई सरकारें आईं, लेकिन गरीबों को छत नहीं मिली। पीएम मोदी के नेतृत्व में अकेले उत्तर प्रदेश में 60 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान दिए गए हैं।
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